भारत बना दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा सौर और पवन ऊर्जा उत्पादक देश
भारत ने नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए जर्मनी को पीछे छोड़ दिया है और दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा सौर और पवन ऊर्जा उत्पादक देश बन गया है। यह जानकारी ग्लोबल एनर्जी थिंक टैंक एंबेर की हाल ही में प्रकाशित छठी ग्लोबल इलेक्ट्रिसिटी रिव्यू रिपोर्ट में सामने आई है।
भारत की स्वच्छ ऊर्जा में प्रगति
रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2024 में भारत में कुल ऊर्जा उत्पादन का 22 प्रतिशत स्वच्छ स्रोतों से हुआ। इसमें:
- जलविद्युत ऊर्जा का योगदान सबसे अधिक रहा, जो 8 प्रतिशत था।
- पवन और सौर ऊर्जा ने मिलकर 10 प्रतिशत का योगदान दिया।
- अकेले सौर ऊर्जा का योगदान 7 प्रतिशत रहा, जो कि 2021 की तुलना में दोगुना है।
वैश्विक परिदृश्य में भारत की भूमिका
2024 में भारत ने दुनिया के कुल सौर और पवन ऊर्जा उत्पादन का 15 प्रतिशत हिस्सा अकेले उत्पन्न किया, जिससे वह चीन और अमेरिका के बाद तीसरे स्थान पर आ गया।
- भारत ने 2024 में 24 गीगावाट (GW) सौर क्षमता जोड़ी, जो 2023 के मुकाबले दोगुने से भी अधिक है।
- भारत की यह प्रगति इसे दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा सौर ऊर्जा बाजार बनाती है।
वैश्विक स्वच्छ ऊर्जा रिकॉर्ड
- 2024 में वैश्विक स्तर पर 858 टेरावाट घंटे (TWh) स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन हुआ, जो कि 2022 के पिछले रिकॉर्ड से 49 प्रतिशत अधिक है।
- सौर ऊर्जा लगातार तीसरे साल बिजली का सबसे बड़ा नया स्रोत रही, जिसने अकेले 474 TWh बिजली जोड़ी।
- वैश्विक सौर ऊर्जा का योगदान अब कुल बिजली उत्पादन का 6.9 प्रतिशत हो गया है।
यह उपलब्धि भारत की हरित ऊर्जा की ओर बढ़ती प्रतिबद्धता को दर्शाती है और यह दर्शाती है कि देश ऊर्जा आत्मनिर्भरता और पर्यावरणीय स्थिरता की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है।


