👉 यह भी पढ़ें:
- Article 370 के 7 साल: महबूबा मुफ्ती का बड़ा बयान, बोलीं- ‘जम्मू-कश्मीर के लोग मुर्दा नहीं, जिंदा कौम हैं’; सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
- Jammu Kashmir Martyrs Day 2026: इल्तिजा मुफ्ती का बड़ा दावा, ‘हमें घर में नजरबंद किया गया’, महबूबा मुफ्ती को लेकर भी चर्चा
- खामेनेई की मौत के बाद कश्मीर में उबाल: श्रीनगर में झड़पें, महबूबा मुफ्ती ने महिलाओं की रिहाई की उठाई मांग
- इजराइल दौरे पर विवाद: महबूबा मुफ्ती का पीएम मोदी पर तीखा हमला, नेतन्याहू से मुलाकात को बताया गलत
- जम्मू-कश्मीर में छात्र आरक्षण आंदोलन से पहले बड़ा एक्शन, महबूबा मुफ्ती सहित कई नेता हाउस अरेस्ट
- लाल क़िले विस्फोट पर महबूबा मुफ़्ती का हमला: “कश्मीर का ग़ुस्सा दिल्ली में गूंजा”
0:00 left
महबूबा मुफ़्ती की अपील: पाक नागरिकों को देश छोड़ने के आदेश पर केंद्र सरकार करे पुनर्विचार
पूर्व मुख्यमंत्री ने महिलाओं और बच्चों के मानवीय अधिकारों को लेकर जताई चिंता
महबूबा मुफ़्ती ने केंद्र के फैसले को बताया ‘अमानवीय’
जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ़्ती ने भारत सरकार द्वारा पाकिस्तानी नागरिकों को देश छोड़ने के निर्देश पर पुनर्विचार करने की अपील की है। उन्होंने इस फैसले को गंभीर मानवीय संकट की ओर इशारा करते हुए खास तौर पर जम्मू-कश्मीर में रह रहीं पाक मूल की महिलाओं के लिए इसे असंवेदनशील करार दिया।
30-40 साल से भारत में रह रहीं महिलाओं का क्या होगा?
महबूबा मुफ़्ती ने एक्स पर लिखा कि इस फैसले का सबसे ज्यादा असर उन महिलाओं पर पड़ रहा है जो तीन से चार दशक पहले भारत आई थीं, जिन्होंने भारतीय नागरिकों से विवाह किया, बच्चे पैदा किए और यहीं की होकर रह गईं।
इंसानियत के आधार पर पुनर्विचार की अपील
उन्होंने सरकार से अपील की, “जो लोग शांति और कानून का पालन करते हुए वर्षों से भारत में रह रहे हैं, उन्हें जबरन बाहर निकालना न केवल अन्याय है, बल्कि मानवीय दृष्टिकोण से भी गलत है।” उन्होंने कहा कि सरकार को महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के मामलों में इंसानियत और समझदारी दिखानी चाहिए।
पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ भारत का सख्त रुख
गौरतलब है कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ कई सख्त कदम उठाए हैं। इनमें शामिल हैं:
- सिंधु जल समझौते को निलंबित करना
- अटारी सीमा को बंद करना
- वीज़ा सुविधाओं पर रोक लगाना
महबूबा मुफ़्ती ने इस संदर्भ में भी संतुलित और विचारशील दृष्टिकोण अपनाने की बात कही है।



