नई दिल्ली। भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए गृह मंत्रालय ने कल यानी 7 मई को 244 जिलों में मॉक ड्रिल के निर्देश दिए हैं। इसमें मध्यप्रदेश का पांच जिले-इंदौर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर और कटनी शामिल हैं। यहां कल सायरन बजते ही अंधेरा छा जाएगा।
मॉक ड्रिल को आज दिल्ली में गृहसचिव गोविंद मोहन की अध्यक्षता में बड़ी बैठक हुई। बताया जा रहा है कि इस दौरान वॉर सायरन अलर्ट बजेगा और लोगों को अभ्यास कराया जाएगा। मध्यप्रदेश में भी जिन जिलों में मॉक ड्रिल होनी है उनमें तैयारियां शुरू कर दी गई है, एमपी में कुल 5 और छत्तीसगढ़ में एक जिला मॉक ड्रिल की लिस्ट में शामिल है। मध्यप्रदेश में इंदौर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर और कटनी को शामिल किया गया है। देश के अलग–अलग राज्यों के कुल 244 जिलों में कल मॉक ड्रिल की जानी है।
बैठक के दौरान 244 नागरिक सुरक्षा इकाइयों की परिचालन स्थिति का मूल्यांकन किया गया है। आपातकालीन प्रोटोकॉल में नागरिकों को प्रशिक्षित करने की रणनीतियों और हवाई हमले के सायरन का जवाब देने और ब्लैकआउट स्थितियों को संभालने के तरीके पर जोर दिया गया है। इसके साथ ही बुनियादी प्राथमिक चिकित्सा तत्परता का महत्व और हर घर में एक चालू मशाल और पर्याप्त मोमबत्तियां रखने की सिफारिश की गई है। इलेक्ट्रॉनिक या डिजिटल भुगतान विफलताओं के दौरान प्रबंधन के लिए नकद आरक्षित रखने की सलाह भी दी गई है? 244 जिलों में से 100 से अधिक को अत्यधिक संवेदनशील के रूप में पहचाना गया है और तैयारी और बुनियादी ढांचे के उन्नयन के संदर्भ में उन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा
सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को निर्देश
गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों एवं केंद्र–शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को परिपत्र भेजा गया है। इसमें कहा गया है कि मॉक ड्रिल के दौरान किए जाने वाले उपायों में हवाई हमले की चेतावनी देने वाले सायरन का संचालन, नागरिकों को किसी भी हमले की सूरत में खुद को बचाने के लिए सुरक्षा पहलुओं पर प्रशिक्षण देना और बंकरों एवं खाइयों की साफ–सफाई शामिल है। अन्य उपायों में दुर्घटना की स्थिति में ब्लैकआउट के उपाय, महत्वपूर्ण संयंत्रों और प्रतिष्ठानों की रक्षा तथा निकासी योजनाओं को अद्यतन करना एवं उनका पूर्वाभ्यास करना शामिल है।


