इस मुलाकात को क्या नाम दें…भाजपा वाले ही पूछ रहे हैं आप कब से शिवराज सिंह चौहान के ‘मित्र’ हो गए मंत्रीजी, साथ में खाना खाकर किसको डराओगे?

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इंदौर। केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान आज भारतीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान के कार्यक्रम में भाग लेने इंदौर आए। एयरपोर्ट पर प्रदेश के काबिना मंत्री कैलाश विजयवर्गीय उनका स्वागत करने पहुंच गए। गुलदस्ता भी दिया और साथ में घर पर भोजन का निमंत्रण भी। इसके बाद विजयवर्गीय ने स्वागत का फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। साथ ही लिखा-इंदौर विमानतल पर आज केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री तथा मेरे मित्र श्री Shivraj Singh Chouhan जी का आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर उनसे महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चर्चा भी हुई।

यह फोटो जैसे ही लोगों ने देखा, सब आश्चर्य में पड़ गए। राजनीतिक गलियारों में चर्चा होने लगी। लोगों को सबसे ज्यादा आश्चर्य शिवराज को विजयवर्गीय द्वारा मित्र कहने पर हुआ। लोग अपने दिमाग पर जोर देने लगे कि इन दोनों में मित्रता कब थी। शिवराज के कार्यकाल में विजयवर्गीय कैबिनेट मंत्री भी रहे, लेकिन दोनों में कभी बनी नहीं। राजनीतिक अदावत की खबरें आती रहीं। इसके बाद विजयवर्गीय दिल्ली में अमित शाह की टीम में चले गए और शिवराज सिंह चौहान सीएम की कुर्सी पर बैठे रहे। तब भी विजयवर्गीय, शिवराज को आंखें दिखाते रहे। यहां तक कि अमित शाह से अपने संबंधों को लेकर भी शिवराज को नीचा दिखाने की कई बार कोशिश की।

वर्तमान सीएम से मधुर संबंधों की सबको है जानकारी

भाजपा में ही इस बात की चर्चा होती है कि आखिर क्या बात है कि विजयवर्गीय की किसी से बनती नहीं। शिवराज की बात छोड़ भी दें, तो वर्तमान मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव से विजयवर्गीय के संबंधों की जानकारी भला किसे नहीं है। कई बार कैबिनेट मीटिंग का बहिष्कार, एक बार तो भरी मीटिंग में ही विरोध जता देना आखिर क्या है? माना कि आप खुद को सीएम मटेरियल समझते हैं, वरिष्ठ नेता भी हैं, लेकिन जरा यह भी तो सोचिए कि आखिर आपके पार्टी इस काबिल क्यों नहीं समझती।

आप पर लोग शायद इसीलिए नहीं करते भरोसा

आज शिवराज से मुलाकात के बाद भाजपा में ही लोग कह रहे हैं कि इन्हीं हरकतों की वजह से लोग विजयवर्गीय पर भरोसा नहीं करते। आज जब विजयवर्गीय ने शिवराज सिंह चौहान और साधना भाभीजी को गुलदस्ता पकड़ा कर अपने घर भोजन पर बुलाया होगा, तो शिवराज जी क्या सोच रहे होंगे? भाजपा वाले तो कह रहे हैं कि शिवराजजी यही सोच रहे हैं कि मोहन यादव से नहीं बन रही तो मेरे पास आने की कोशिश कर रहे हैं। इससे पहले कहां थे?

आखिर खाने की टेबल पर क्या होगी चर्चा

राजनीतिक गलियारों में आज के भोजन को लेकर भी चर्चा है। लोग कह रहे हैं कि आखिर खाने की टेबल पर क्या बात होगी? क्या वर्तमान सरकार और उसके मुखिया पर चर्चा होगी या फिर दिल्ली में नए ठिकाने की तलाश पर बात होगी। अमित शाह से मुलाकात का सोशल मीडिया पर वायरल कर डराने की कोशिश करने वाले मंत्रीजी इस बार शिवराज के साथ भोज के फोटो से किसे डराएंगे?

कब किस करवट बैठ जाएं पता नहीं

मंत्री विजयवर्गीय के बारे में भाजपा में ही कहा जाता है कि वे कब किस करवट बैठ जाएं पता नहीं। नगर निगम के आयोजन में महापौर को विधायक बताकर उन पर तंज कसना हो या फिर भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा से लेकर महेंद्र हार्डिया तक पर भड़ास निकालनी हो, वे कोई मौका नहीं छोड़ते। अब तो यह हालत है कि आयोजनों में लोग बुला तो लेते हैं, लेकिन कार्यक्रम समाप्त होने तक आयोजक को यही चिन्ता रहती है कि कहीं विजयवर्गीय माइक पर उल्टा-सीधा न बोल दें।

कमरे की चर्चा पर ‘चर्चा’

कैलाश विजयवर्गीय ने शिवराज सिंह चौहान से कमरे में अकेले 15 मिनट से ज्यादा चर्चा की। बताया जाता है कि इस दौरान केंद्रीय राज्यमंत्री सावित्री ठाकुर कमरे के बाहर खड़ी थीं। वहां मौजूद अधिकारियों ने जब सावित्री ठाकुर के इंतजार करने की सूचना दी तो शिवराज ने उन्हें 5 मिनट और इंतजार करने को कहा। अब राजनीतिक गलियारों में इस चर्चा पर भी चर्चा हो रही है।

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