इंदौर। भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल 7 जुलाई को इंदौर आ रहे हैं। हर नेता अपने स्तर पर स्वागत की तैयारियों में लगा है। शहर में होर्डिंग नजर आने लगे हैं, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा विधानसभा चार में लगे होर्डिंग की हो रही है। होर्डिंग का मजमून काफी कहानी कह रहा है। यह कहानी है इंदौर के बदले राजनीतिक समीकरण की। आगे क्या होगा, इसका अंदाजा आप इसी से लगा सकते हैं।
जरा याद कीजिए। दो जुलाई को जैसे ही नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम की घोषणा हुई, उसके कुछ ही देर बाद शहर में एक होर्डिंग दिखाई देने लगा था। इसमें सीएम डॉ.मोहन यादव और भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की तस्वीर थी। उनके साथ पूर्व नगर अध्यक्ष गौरव रणदिवे, मध्य प्रदेश अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम के अध्यक्ष सावन सोनकर, विधायक मनोज पटेल और हिंद रक्षक संगठन के सर्वेसर्वा एकलव्य सिंह गौड़ की तस्वीर थी।
नए होर्डिंग ने समीकरणों पर लगाई मुहर
आज जो नया होर्डिंग विधानसभा चार में दिखाई दे रहा है, उसे लगवाया है एकलव्य सिंह गौड़ ने। जाहिर है इसमें सीएम और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के अलावा स्व.लक्ष्मण सिंह गौड़ और विधायक मालिनी गौड़ को होना ही था। लेकिन, इसमें होर्डिंग के दाहिनी तरफ ऊपर की ओर एक साथ दिखाई दे रहे हैं-मनोज पटेल, गौरव रणदिवे और सावन सोनकर। पहला होर्डिंग गौरव रणदिवे और सावन सोनकर ने लगवाया था, अब एकलव्य सिंह गौड़ ने यह होर्डिंग लगवाकर चौकड़ी पर अपनी मुहर लगा दी है।
इस नई चौकड़ी को सीएम का भी समर्थन
सीएम डॉ.मोहन यादव ने लगातार यह प्रयास किए कि इंदौर का राजनीतिक संतुलन न बिगड़े। इसलिए सीएम भी इस नई चौकड़ी का समर्थन करते रहे हैं। फिर भी एक गुट विशेष इंदौर की पूरी भाजपा पर कब्जे की कोशिश करता रहा। नए अध्यक्ष ने तो अपने पहले ही भाषण में स्पष्ट कर दिया था कि अनुशासन सर्वोपरि है और दाएं-बाएं करने वाले सावधान रहें।
वैश्व समाज के ‘बड़े’ नेता को भी साफ संदेश
इंदौर में भाजपा के एक बड़े नेता हैं, जो खुद को वैश्य समाज का राष्ट्रीय नेता भी मानते हैं। चूंकि नए प्रदेश अध्यक्ष भी वैश्य समाज से हैं, इसलिए वे नहीं चाहते कि कम से कम इंदौर में उनका ज्यादा महिमामंडन हो। लेकिन, इस नई चौकड़ी ने तो पहले दिन से ही नए अध्यक्ष का महिमामंडन शुरू कर दिया। यह होर्डिंग वार भी इसी का नतीजा है।


