राजनीति से क्यों भर गया ‘तुलसी’ का मन, अमेठी की हार, पार्टी की अनदेखी ने तो नहीं कराई एक्टिंग में वापसी

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नई दिल्ली। क्योंकि सास भी कभी बहू थी से लोगों के दिलों पर राज करने वाली तुलसी यानी स्मृति ईरानी 25 साल बाद फिर छोटे पर्दे पर वापसी कर रही हैं। बड़ा सवाल यह है कि आखिर उन्होंने यह फैसला क्यों लिया? चर्चा तो इसी बात की हो रही है कि अमेठी की हार के बाद स्मृति का राजनीति से मन डोलने लगा था। हार तक तो सही थी, लेकिन इसके बाद उन्हें ऐसा लगा था कि पार्टी राज्यसभा या किसी और पद पर एडजस्ट करेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। शायद यही वजह हो सकती है कि स्मृति ने टीवी की दुनिया में वापसी का फैसला लिया।

अपनी वापसी पर एक इंटरव्यू में स्मृति ने कहा कि देखिए मैं अपनी वापसी को लेकर बिल्कुल भी नर्वस नहीं हूं। मैं एक पॉलिटिशयन हूं और अब मैं ऐसी चीजों से घबराती नहीं हूं। उन्होंने कहा कि टीवी की दुनिया में भी काफी बदलाव हो चुका है। आज टीवी जैसे देखा जाता है और 25 साल पहले इसे कैसा देखा जाता था, वो एक बहुत बड़ा परिवर्तन है। ओटीटी से इसमें काफी फर्क आया है। स्मृति ने साफ किया कि जिस तरह से कई राजनेता वकील और टीचर होते हैं, उसी आधार पर मैं पार्ट टाइम एक्ट्रेस और फुल टाइम एक लीडर हूं।

अमेठी की हार का गम तो है

राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा हो रही है कि अमेठी की हार को स्मृति भूल नहीं पा रहीं। इस हार के बाद पार्टी से जो उन्हें उम्मीदें थीं, वह भी पूरी नहीं हुई। अनुमान लगाया जा रहा है कि एक्टिंग में वापसी के बाद स्मृति ईरानी एक्टिव पॉलिटिक्स को गोविंदा और धर्मेंद्र की तरह अलविदा कह सकती हैं। हालांकि कि स्मृति खुद को फुल–टाइम राजनेता और पार्ट–टाइम एक्ट्रेस कहकर इन अटकलों पर विराम लगा रही हैं, लेकिन चर्चा तो चर्चा है।

हार के बाद राजनीति परिदृश्य से लापता

2024 के लोकसभा चुनाव में अमेठी में हार के बाद वे राजनीति से लगभग गायब सी हो गईं। 2014 में स्मृति ईरानी को भाजपा ने पहली बार राहुल गांधी के खिलाफ चुनाव लड़ने के लिए अमेठी भेजा था। हालांकि राहुल से वह करीब एक लाख वोट से हार गईं, लेकिन हार के बाद भी स्मृति ने अमेठी को नहीं छोड़ा। इसका असर 2019 के चुनाव में दिखा और स्मृति ने राहु को हरा दिया। 2024 के चुनाव में समीकरण बदले और अमेठी में स्मृति ईरानी को किशोरीलाल शर्मा ने हरा दिया। इस बार लोकसभा चुनाव में हार के बाद उन्होंने अमेठी आना भी लगभग छोड़ दिया। अब ऐसा लगता है कि स्मृति को न तो अमेठी और नही पार्टी से कोई उम्मीद है।

राज्यसभा की उम्मीद भी टूटी

राजनीतिक जानकार कह रहे हैं कि अगर पार्टी चाहती तो स्मृति को राज्यसभा में भेज सकती थी। इतना ही नहीं राज्यसभा में लाकर मंत्री भी बना सकती थी। अगर ऐसा होता तो स्मृति अमेठी में संघर्ष के लिए फिर से कोशिश कर सकती थीं, लेकिन पार्टी ने ऐसा नहीं किया। अब स्मृति चाहें कुछ भी कहें माना तो यही जा रहा है कि एक्टिंग उनका फुल टाइम होगा और राजनीति पार्ट टाइम।

29 जुलाई से शुरू हो रहा है शो

स्मृति ईरानी का शो क्योंकि सास भी कभी बहू थी का प्रोमो वीडियो ओटीटी प्लेटफॉर्म जियो हॉटस्टार की तरफ से जारी कर दिया गया है। यह शो 29 जुलाई 2025 से रात 10:30 बजे टीवी चैनल स्टार प्लस और जियो हॉटस्टार पर दिखाया जाएगा। इस बार भी स्मृति अपने अनूठे अंदाज से टीवी के दर्शकों का दिल जीतने वाली है।

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