इंदौर। मध्यप्रदेश के सदाबहार मंत्री तुलसीराम सिलावट को अपने विधानसभा क्षेत्र सांवेर में ही मुंह की खानी पड़ी है। तुलसी पहलवान सांवेर के एक वार्ड में हुए उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी की जमानत भी नहीं बचा पाए। यह इस बात का संकेत है कि पहलवान की अपने ही विधानसभा में पकड़ कमजोर होती जा रही है।
तुलसी पहलवान को सदाबहार मंत्री इसलिए कहा जा रहा है कि राज चाहे कांग्रेस का हो या भाजपा का वे मंत्री पद पर सुशोभित ही रहते हैं। महाराज की कृपा से हर बार यह पद मिल जाता है, लेकिन भिया न तो कांग्रेस के रहे और न भाजपा के हो पा रहे हैं। जब से तुलसी भिया भाजपा में आए हैं, सांवेर क्षेत्र के पार्टी कार्यकर्ता परेशान हैं। भाजपा कार्यकर्ताओं को वे पूछते नहीं और उनके कार्यकर्ता भाजपा वालों को काम करने देते नहीं। यह बात अलग है कि तुलसी भिया को इस बार भी विधानसभा में नरेंद्र मोदी और भाजपा के नाम पर जीत मिल गई, लेकिन सांवेर के लोगों को एक नेता न मिल सका।
👉 यह भी पढ़ें:
- पन्ना: धीरेंद्र शास्त्री की रथ यात्रा में बावरिया गैंग का धावा, 10 गिरफ्तार
- इंदौर के अधूरे प्रोजेक्ट पर ताई ने सीएम से में बात की
- भोपाल में महिलाओं के खिलाफ अपराधों में 26% की बढ़ोतरी, पुलिस रिपोर्ट में खुलासा
- कोटा में एक्सप्रेस-वे हादसा: टेंपो ट्रैवलर नाले में गिरा, 8 की मौत
- बैतूल में दूध-केला खाने से 32 बच्चे बीमार, अस्पताल में भर्ती
- आसमान से दिखा अनोखा नजारा: 1,000 महिलाओं ने बनाई चीता मुखी की आकृति
कांग्रेस उड़ा ले गई 913 वोट
सांवेर नगर पंचायत के वार्ड क्रमांक 7 के लिए उपचुनाव हुआ था। इस वार्ड में कुल 1300 मतदाता हैं। उपचुनाव में 1044 मतदाताओं द्वारा मताधिकार का उपयोग किया गया। आज हुई मतगणना में कांग्रेस प्रत्याशी हसीना बी को 913 वोट मिले, जबकि भाजपा प्रत्याशी को मात्र 117 वोट मिले। इस सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी को 796 वोटों से जीत मिली।
रीना बौरासी ने लगाया अनदेखी का आरोप
विधानसभा चुनाव में तुलसी पहलवान के सामने कांग्रेस से रीना बौरासी सेतिया थीं। उन्होंने आज की हार कारण क्षेत्र की अनदेखी बताया। रीना सेतिया ने कहा कि क्षेत्र में जनता की समस्याओं की अनदेखी किए जाने और प्रदेश सरकार की किसान विरोधी नीति के कारण भाजपा को इस हार का सामना करना पड़ा है। इस वार्ड के 14 मतदाताओं द्वारा नोटा को वोट दिया गया।



