उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर टिप्पणी: ये अभी जारी है
पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने भारत की जवाबी कार्रवाई और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन अभी ख़त्म नहीं हुआ, बल्कि जारी है। भारतीय रक्षा संपदा सेवा के ट्रेनी अधिकारियों को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा हमने सबक सिखाया, वह भी अच्छी तरह सिखाया। बहावलपुर और मुरीदके को चुना और फिर फिलहाल के लिए उसे ख़त्म कर दिया।”
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उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ऑपरेशन सिंदूर ख़त्म नहीं हुआ है, यह अभी भी जारी है।”
शांति की परंपरा की बात
धनखड़ ने भारत की शांतिपूर्ण परंपरा को दोहराते हुए कहा कुछ लोग सवाल पूछते हैं कि इसे रोका क्यों गया? हम एक ऐसा राष्ट्र हैं जो शांति और अहिंसा में विश्वास करता है। यह बुद्ध, महावीर और गांधी की धरती है। हम तो जीव-जंतुओं को भी मारना नहीं चाहते, फिर हम इंसानों को कैसे निशाना बना सकते हैं?”
भारत की संप्रभुता पर ज़ोर
उपराष्ट्रपति ने अपने संबोधन में भारत की संप्रभुता और आत्मनिर्णय के अधिकार पर भी ज़ोर देते हुए कहा बाहरी कहानियों से प्रभावित न हों। एक संप्रभु राष्ट्र के रूप में इस देश में सभी फ़ैसले इसके नेतृत्व की ओर से लिए जाते हैं। दुनिया में कोई ताक़त नहीं जो भारत को यह बताए कि उसे अपने मामले कैसे संभालने हैं।”
पृष्ठभूमि
हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में एक आतंकी हमला हुआ था, जिसमें कई सुरक्षा बलों और नागरिकों को निशाना बनाया गया। इसके बाद मीडिया और विश्लेषकों में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर चर्चाएं तेज़ हुई थीं — माना जा रहा है कि यह भारत की ओर से की गई एक जवाबी सैन्य कार्रवाई है।
धनखड़ का यह बयान इस बात की ओर संकेत करता है कि भारत की रणनीतिक प्रतिक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है और भविष्य में और क़दम उठाए जा सकते हैं।


