नेपाल की पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की बन सकती हैं कार्यवाहक प्रधानमंत्री, जेन-जेड आंदोलन के सदस्यों की बैठक में तय हुआ नाम

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नई दिल्ली। नेपाल में चल रहे बवाल के बाद नए प्रधानमंत्री की तलाश भी शुरू हो गई है। चर्चा है कि नेपाल की पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की को कार्यवाहक प्रधानमंत्री बनाया जा सकता है। सुशीला कार्की का नाम आज जेनजेड आंदोलन के सदस्यों की एक वर्चुअल बैठक में तय किया गया।

नेपाल की मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अंतरिम प्रधानमंत्री की नियुक्ति को लेकर इस बैठक में गंभीर चर्चा हुई। इसमें पांच हजार से ज्यादा लोग शामिल हुए। इनमें सबसे ज्यादा लोगों ने नेपाल की पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की का समर्थन किया। काठमांडू महानगरपालिका के मेयर बालने शाह जेनजेड पीढ़ी के बीच सबसे लोकप्रिय माने जाते हैं।, लेकिन एक जेनजेड प्रतिनिधि ने कहा कि अब वह (बालेन) हमारी बातों का जवाब नहीं दे रहे हैं। प्रतिनिधि ने कहा, जब उन्होंने फोन नहीं उठाया, तब अन्य नामों पर चर्चा शुरू हुई। सुशीला कार्की के नाम को सबसे ज्यादा समर्थन मिला। सुशीला कार्की को पहले ही जेनजेड आंदोलनकारियों की ओर से कार्यवाहक प्रधानमंत्री बनने का प्रस्ताव दिया जा चुका था। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने इसके लिए 1,000 लिखित हस्ताक्षरों की मांग की थी, लेकिन उन्हें 2,500 से भी ज्यादा हस्ताक्षर दिए गए, जो उनकी मांग से कहीं ज्यादा थे। कार्यवाहक प्रधानमंत्री पद के लिए कुलमैन घिसिंग, सागर ढकाल और हर्क साम्पांग जैसे नामों का जिक्र भी हुआ। इसी तरह रैंडम नेपाली नाम के एक यूट्यूबर को भी अच्छाखासा समर्थन मिला, लेकिन उन्होंने कहा कि वह तभी आगे बढ़ेंगे जब कोई और तैयार नहीं होगा।

बीएचयू से की है राजनीति शास्त्र की पढ़ाई

सुशीला कार्की नेपाल की पहली महिला प्रधान न्यायधीश हैं। उन्होंने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (बीएचयू) से राजनीति शास्त्र में मास्टर्स किया है। उन्होंने 1979 में वकालत में अपनी करियर शुरू किया था। वें 11 जुलाई 2016 से 6 जून 2017 तक नेपाल की मुख्य न्यायाधीश रहीं थीं। 2017 में उनके खिलाफ महाभियोग लाया गया था। तब सुशीला कार्की पर कार्यपालिका में हस्तक्षेप आरोप लगा था. जिसके बाद उन्हें सस्पेंड भी किया गया था। सुशीला कार्की की पहचान भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं करने वाली न्यायाधीश के रूप में है।

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