नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान महिला विश्व कप मैच पर अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की अध्यक्ष अलका लांबा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि चाहे वह महिलाओं का मैच हो या पुरुषों का हो, मेरी निजी राय है कि भारत–पाकिस्तान मैच नहीं होने चाहिए। सबकुछ ताक पर रखकर सिर्फ पैसा और क्रिकेट को अहमियत दी गई। पैसा देखा गया, भावनाएं नहीं देखी गईं।
अलका लांबा ने एक न्यूज एजेंसी से बात करते हुए कहा कि पहलगाम में आतंकी हमला होता है, हमारे निर्दोष लोग, बिल्कुल आम नागरिक मारे जाते हैं, उनका परिवार उनके लिए शहीदी का दर्जा मांगता है। वो छह आतंकियों को ढूंढकर उसे सजा दिलाने की बात करता है, लेकिन उनकी कोई परवाह ही नहीं है। अलका ने कहा कि देश जो चाह रहा था, वो नहीं हुआ। पैसा देखा गया, भावनाएं नहीं देखी गईं हैं। मारे गए लोगों का परिवार भी नहीं चाहता था कि इस माहौल में क्रिकेट मैच हो, पहले न्याय दिलाइए, शहीदी का दर्जा दिलाइए, उन आतंकियों को सजा दिलाइए, सबकुछ ताक पर रखकर सिर्फ पैसा और क्रिकेट को अहमियत दी गई। इससे देश को बहुत पीड़ा पहुंची है।
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मुस्लिमों और दलितों को कर रहे टारगेट
अलका लांबा ने कहा कि धर्म के आधार पर मुस्लिम और दलितों को टारगेट किया जा रहा है। बरेली की घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि बरेली में अगर किसी मुस्लिम ने आई लव मोहम्मद कह दिया है तो आपत्ति क्या थी? लेकिन आपने पूरा बरेली जला दिया। बुलडोजर चला रहे हैं। जिसे मुख्य न्यायाधीश अंसवैधानिक, गैरकानूनी बता रहे हैं, आज उसी आधार पर एक गर्भवती महिला को अस्पताल और उसके डॉक्टर ने इलाज देने से मना कर दिया। ये अमानवीय और शर्मसार करने वाली घटना है। अस्पताल और उस डॉक्टर का लाइसेंस रद्द होना चाहिए।



