ट्रंप का राष्ट्र संबोधन में ईरान पर बड़ा दावा: “निर्णायक जीत हासिल, अब नहीं बनेगा परमाणु बम”
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने राष्ट्र संबोधन में ईरान के खिलाफ निर्णायक जीत का दावा करते हुए कहा कि यह संघर्ष अब एक अहम मोड़ पर पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि ईरान की सैन्य क्षमताओं को लगभग खत्म कर दिया गया है—नौसेना समाप्त हो चुकी है, वायुसेना कमजोर पड़ गई है और मिसाइल भंडार को भारी नुकसान पहुंचा है।
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ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान में नेतृत्व परिवर्तन हो चुका है और पुराने नेतृत्व की जगह अब एक कम कट्टरपंथी समूह ने ले ली है। उन्होंने दोहराया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ईरान को परमाणु बम हासिल करने से रोकना था, जो अब लगभग पूरा हो चुका है। उनके अनुसार, ईरान अब परमाणु बम नहीं बनाएगा।
व्हाइट हाउस से अपने संबोधन में डोनाल्ड ट्रंप ने इजराइल, सऊदी अरब, कतर, यूएई, कुवैत और बहरीन जैसे सहयोगी देशों का धन्यवाद किया और कहा कि अमेरिका उन्हें किसी भी स्थिति में असफल नहीं होने देगा।
उन्होंने चेतावनी दी कि अगले दो-तीन हफ्तों तक अमेरिका ईरान पर और सख्त हमले जारी रखेगा। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के पास ईरान के बुनियादी ढांचे को पूरी तरह पंगु बनाने की क्षमता है और जरूरत पड़ने पर उसे “पाषाण युग” में वापस भेज सकता है।
डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी सशस्त्र बलों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने ईरान की प्रॉक्सी ताकतों को समर्थन देने की क्षमता को कुचल दिया है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका ईरान के बिजली संयंत्रों जैसे ऊर्जा ढांचे को भी निशाना बना सकता है।
अपने संबोधन में ट्रंप ने इस सैन्य कार्रवाई को पिछले 47 वर्षों से चले आ रहे संघर्ष का अंतिम जवाब बताया। साथ ही उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा पर निशाना साधते हुए कहा कि ईरान के मामले में उनसे बड़ी गलती हुई थी।



