पुतिन की कड़ी चेतावनी: शांति वार्ता नाकाम हुई तो यूक्रेन में और इलाकों पर कब्जा करेगा रूस
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन युद्ध को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए चेतावनी दी है कि यदि शांति वार्ता रूस की शर्तों के अनुरूप आगे नहीं बढ़ती, तो वह यूक्रेन में अपने कब्जे वाले इलाकों का और विस्तार करेगा। यह बयान उन्होंने वरिष्ठ सैन्य कमांडरों की वार्षिक बैठक के दौरान दिया।
👉 यह भी पढ़ें:
- Hawaii Hurricane Lala Alert: 155 साल बाद Big Island पर सीधा खतरा, 120 KM/H की रफ्तार से बढ़ रहा तूफान
- Antibiotic Medicine Warning: 5 आम एंटीबायोटिक और एंटीफंगल दवाओं पर CDSCO की चेतावनी, लिवर-किडनी और गंभीर स्किन रिएक्शन का खतरा
- सोनम वांगचुक का अनशन खत्म, सरकार से बातचीत के बीच आंदोलन पर नजर
- US Sanctions on Russia: रूस से तेल खरीदने पर भारत पर भी टैरिफ की तैयारी? अमेरिकी सीनेट में नया बिल, जानिए क्या होगा असर
- US-Iran Tension: ट्रंप की चेतावनी के बाद ईरान का बड़ा ऐलान! ‘अमेरिका पर बिल्कुल भरोसा नहीं’, युद्ध की तैयारी का दावा
- Iran-US Talks 2026: डोनाल्ड ट्रंप के दावे को ईरान ने किया खारिज, कहा- दोहा में अमेरिका से नहीं होगी कोई बातचीत
पुतिन ने कहा कि रूस की प्राथमिकता अब भी बातचीत के जरिए संघर्ष को सुलझाने की है और वह युद्ध के मूल कारणों को खत्म करना चाहता है। लेकिन उन्होंने साफ कर दिया कि अगर यूक्रेन और उसके विदेशी समर्थक गंभीर संवाद से इनकार करते हैं, तो रूस सैन्य ताकत के दम पर अपने लक्ष्य हासिल करेगा। उनके अनुसार, रूस अपने “ऐतिहासिक क्षेत्रों” की मुक्ति के लिए बल प्रयोग करने से पीछे नहीं हटेगा।
यह बयान ऐसे समय आया है जब यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीतिक प्रयास तेज हो गए हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में संकेत दिया था कि उच्चस्तरीय बैठकों के बाद किसी समझौते की संभावना पहले से अधिक करीब है। अमेरिका, यूक्रेन और यूरोपीय देशों के बीच सुरक्षा गारंटी और सीमाओं को लेकर बातचीत जारी है, हालांकि नाटो सदस्यता जैसे मुद्दों पर अब भी सहमति नहीं बन पाई है।
अपने भाषण में पुतिन ने रूस की बढ़ती सैन्य और परमाणु क्षमताओं का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि परमाणु क्षमता से लैस ‘ओरेश्निक’ बैलिस्टिक मिसाइल को इसी महीने औपचारिक रूप से सेवा में शामिल किया जाएगा। पुतिन के अनुसार, नवंबर 2024 में इस मिसाइल के पारंपरिक संस्करण का इस्तेमाल यूक्रेन के एक कारखाने पर हमले में किया गया था, जिसे रोका नहीं जा सका।
रूस ने एक बार फिर अपनी पुरानी शर्तें दोहराईं। पुतिन ने कहा कि यूक्रेन और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को क्रीमिया पर रूस के नियंत्रण को मान्यता देनी होगी। साथ ही उन्होंने पूर्वी और दक्षिणी यूक्रेन के उन इलाकों से यूक्रेनी सेना की वापसी की मांग भी दोहराई, जिन पर अभी कीव का नियंत्रण है। शांति वार्ता जारी रहने के बावजूद दोनों पक्षों के बीच मतभेद अब भी गहरे बने हुए हैं।



