नेपाली दलों ने राष्ट्रपति पौडेल से संसद बहाली की मांग की
नेपाल की प्रमुख राजनीतिक पार्टियों ने राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल से संसद को बहाल करने की अपील की है। संसद को भ्रष्टाचार विरोधी प्रदर्शनों में हिंसा और ओली सरकार के पतन के बाद भंग कर दिया गया था।
👉 यह भी पढ़ें:
- दिल्ली छात्र प्रदर्शन पर संसद में गरमाया माहौल, अमित शाह देंगे बयान; राहुल गांधी और सरकार आमने-सामने
- Parliament Monsoon Session: आज लोकसभा में चार अहम बिल, डिलिमिटेशन समेत कई मुद्दों पर सरकार-विपक्ष आमने-सामने
- Parliament में चंदा चोरी के खिलाफ प्रदर्शन पर गरमाई सियासत, भाजपा ने राहुल गांधी से माफी मांगने को कहा, रिजिजू ने भी विपक्ष को घेरा
- Parliament Monsoon Session 2026: संसद में फिर हंगामा, NEET और छात्रों के मुद्दे पर विपक्ष का प्रदर्शन; लोकसभा-राज्यसभा दोपहर 12 बजे तक स्थगित
- Sonam Wangchuk की पत्नी गीतांजली करेंगी संसद मार्च की अगुवाई, पुलिस बोली- कोई अनुमति नहीं
- Parliament Monsoon Session: सरकार को घेरेगी कांग्रेस, बैठक में तैयार हुई रणनीति, सारे विधेयकों पर होगी तकरार

नेपाली कांग्रेस, सीपीएन-यूएमएल और माओवादी सेंटर सहित आठ राजनीतिक दलों का कहना है कि राष्ट्रपति का यह कदम असंवैधानिक है।
शुक्रवार को राष्ट्रपति पौडेल ने नव-नियुक्त अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की की सिफ़ारिश पर संसद भंग करने का फ़ैसला लिया था। संसद भंग करना प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में से एक रहा है।
इस सप्ताह सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर प्रतिबंध से शुरू हुए प्रदर्शनों ने व्यापक रूप ले लिया। पुलिस के साथ झड़पों में अब तक 50 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।
कार्की को प्रधानमंत्री प्रदर्शनकारी नेताओं के साथ हुए समझौते के बाद नियुक्त किया गया था।



