नासा के महत्वाकांक्षी आर्टेमिस II मिशन ने मानव अंतरिक्ष अन्वेषण में एक नया अध्याय जोड़ दिया। लगभग 10 दिनों की सफल यात्रा के बाद अंतरिक्ष यात्री सुरक्षित रूप से प्रशांत महासागर में लौट आए, जिससे आधी सदी से भी अधिक समय बाद मानवता की चंद्र यात्रा का सफल समापन हुआ।
ओरियन स्पेसक्राफ्ट ने कैलिफोर्निया के सैन डिएगो तट के पास महासागर में सुरक्षित स्प्लैशडाउन किया। इस ऐतिहासिक क्षण का सीधा प्रसारण किया गया, जिसे दुनियाभर में लोगों ने देखा।
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इस मिशन में कमांडर रीड वाइजमैन, पायलट विक्टर ग्लोवर, मिशन स्पेशलिस्ट क्रिस्टिना कोच और कनाडा के जेरेमी हैंसन ने भाग लिया। इन अंतरिक्ष यात्रियों ने लगभग 4,06,771 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए मानव इतिहास में अब तक की सबसे दूर की यात्रा का रिकॉर्ड बनाया।
यह यात्रा अपोलो 17 के बाद पहली मानव चंद्र यात्रा रही। मिशन के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों ने चंद्रमा के दूरस्थ हिस्से को नजदीक से देखा, महत्वपूर्ण वैज्ञानिक अवलोकन किए और एक दुर्लभ पूर्ण सूर्य ग्रहण का अनुभव भी किया।
पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करते समय ओरियन ने ध्वनि की गति से 32 गुना तेज गति और हजारों डिग्री तापमान का सामना किया। इसके बाद पैराशूट की मदद से इसकी गति कम होकर लगभग 17 मील प्रति घंटे रह गई और यह सुरक्षित रूप से समुद्र में उतरा।
1 अप्रैल को फ्लोरिडा से शुरू हुआ यह मिशन नासा के आर्टेमिस कार्यक्रम का अहम हिस्सा है, जिसका उद्देश्य चंद्रमा पर स्थायी मानव बेस स्थापित करना और आगे चलकर मंगल ग्रह पर मानव मिशन भेजना है।
हालांकि आर्टेमिस द्वितीय चंद्रमा पर नहीं उतरा, लेकिन इसने भविष्य के मिशनों की नींव मजबूत कर दी। अब अगला कदम आर्टेमिस III है, जिसमें चंद्रमा की सतह पर मानव को उतारने की योजना है।



