चीन ने ताइवान के आसपास 40 दिनों के लिए एक विशाल हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है, जिससे क्षेत्रीय तनाव काफी बढ़ गया है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब दुनिया का ध्यान पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष पर केंद्रित है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, बिना कोई स्पष्ट कारण बताए यह फैसला लिया गया है, जिससे आशंका जताई जा रही है कि चीन ताइवान पर दबाव बढ़ाने या किसी बड़े सैन्य कदम की तैयारी कर रहा है। ताइवान को चीन अपना ही हिस्सा मानता है और पहले भी इस क्षेत्र में लड़ाकू विमानों व युद्धपोतों की गतिविधियां बढ़ाता रहा है।
बताया जा रहा है कि यह हवाई क्षेत्र पीत सागर से लेकर पूर्वी चीन सागर तक फैला हुआ है और इसे 6 मई तक बंद रखने का नोटिस जारी किया गया है। आमतौर पर ऐसे प्रतिबंध सैन्य अभ्यास के दौरान कुछ दिनों के लिए ही लगाए जाते हैं, लेकिन इस बार इतनी लंबी अवधि ने चिंता बढ़ा दी है।
इस पूरे मामले पर चीन के विदेश मंत्रालय ने अब तक कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया है। इसी बीच ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने अपने आसपास चीनी सैन्य गतिविधियों में इजाफा दर्ज किया है। सोमवार को तीन चीनी सैन्य विमान, छह नौसैनिक जहाज और दो सरकारी जहाज ताइवान के पास देखे गए।
इनमें से कुछ विमानों ने संवेदनशील मध्य रेखा पार कर ताइवान के उत्तरी और पूर्वी रक्षा क्षेत्र में प्रवेश किया, जिसके बाद ताइवान की सेना ने स्थिति पर नजर रखते हुए जवाबी कदम उठाए।
रिपोर्ट के मुताबिक इतना बड़ा और लंबा हवाई प्रतिबंध किसी गुप्त सैन्य अभियान या रणनीतिक तैयारी का संकेत हो सकता है। पहले भी ऐसे नोटिस का इस्तेमाल सैन्य अभ्यासों के दौरान किया जाता रहा है, लेकिन इस बार किसी आधिकारिक अभ्यास की घोषणा नहीं की गई है, जिससे स्थिति और अधिक रहस्यमयी और चिंताजनक बन गई है।


