मुंबई। अपने बयानों से हमेशा विवादों में रहने वाले शिवसेना यूबीटी नेता संजय राउत ने तहव्वुर राणा के लेकर एक विवादित बयान दिया है। राउत ने कहा कि तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण का क्रेडिट भाजपा लेना चाह रही है। वह इसका इस्तेमाल चुनावों में करेगी। उन्होंने दावा किया कि बिहार और बंगाल के चुनाव के से पहले तहव्वुर राणा को फांसी पर लटका दिया जाएगा।
राउत ने कहा कि 26/11 का जब हमला हुआ था उसी समय यह साफ हो गया था इसके पीछे पाकिस्तान का हाथ है। मुंबई हमले के समय पुलिस और कमांडोज ने आतंकियों को मारा। कसाब को लंबी कानूनी कार्रवाई के बाद फांसी पर लटकाया गया। अब तहव्वुर राणा को भारत लाया गया है इसके लिए उनकी तारीफ हो रही है। लेकिन भाजपा इसका क्रेडिट ले रही है। क्या उसे क्रेडिट लेने और एक फेस्टिवल के लिए लाया गया है? संजय राउत ने कहा कि 2011 और 2012 में भी जांच हुई थी। विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने अमेरिका से बात की थी। यह निरंतर चलनेवाली प्रक्रिया है। आप क्रेडिट लेने के लिए उसे लाए हैं तो बता दें। पुलवामा का भी क्रेडिट ले रहे हैं।
राउत ने कहा-कुलभूषण जाधव को भी लाया जाए
संजय राउत ने यह भी मांग की कि कुलभूषण जाधव को वापस लाया जाए। जाधव को 2016 में गिरफ्तार कर लिया गया था और कथित जासूसी के लिए पाकिस्तानी सैन्य अदालत ने उन्हें मौत की सजा सुनाई थी। भारत ने पाकिस्तान के आरोपों को मनगढ़ंत बताकर खारिज किया था। नयी दिल्ली के अनुसार, जाधव को ईरान में अगवा किया गया था, जहां उनके वैध व्यापारिक हित थे और उन्हें पाकिस्तान लाया गया। जाधव को बचाने के लिए भारत ने अंतरराष्ट्रीय न्यायालय का रुख किया, जिसने पाकिस्तान को उनकी फांसी पर रोक लगाने का आदेश दिया था।
कांग्रेस के शासनकाल में शुरू हुई थी प्रक्रिया
संजय राउत ने कहा कि राणा को तुरंत फांसी दी जानी चाहिए लेकिन उसे बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान फांसी दी जाएगी। राउत ने कहा कि राणा को भारत लाने के लिए 16 साल से लड़ाई चल रही थी और यह कांग्रेस के शासन के दौरान शुरू हुई थी। उन्होंने कहा कि इसलिए राणा को वापस लाने का श्रेय किसी को नहीं लेना चाहिए। राणा भारत प्रत्यर्पित होने वाला पहला आरोपी नहीं है। उन्होंने कहा कि इससे पहले 1993 के सिलसिलेवार बम विस्फोट के आरोपी अबू सलेम को भी भारत प्रत्यर्पित किया गया था। उन्होंने यह भी मांग की कि आर्थिक भगोड़े नीरव मोदी और मेहुल चोकसी को भारत प्रत्यर्पित किया जाए।


