
नई दिल्ली। लोकसभा में सोमवार को नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने वोटर लिस्ट का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि पूरे देश में वोटर लिस्ट पर सवाल उठ रहे हैं। हर अपॉजिशन वाले स्टेट में, महाराष्ट्र में ब्लैक एंड व्हाइट वोटर लिस्ट पर सवाल उठ रहे हैं। पूरा विपक्ष मिलकर यह कह रहा है कि वोटर लिस्ट पर सदन में डिस्कशन हो जाए। इस पर सदन में चर्चा होनी चाहिए।
राहुल गांधी ने मामले में कहा कि हम आपकी टिप्पणी को स्वीकार करते हैं कि सरकार मतदाता सूची नहीं बनाती है, लेकिन हम इस मुद्दे पर चर्चा की मांग करते हैं। उन्होंने कहा कि देश भर में मतदाता सूची पर सवाल उठाए जा रहे हैं। महाराष्ट्र समेत हर राज्य में विपक्ष ने एक स्वर में सवाल उठाए हैं। वहीं इस मामले में राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने कहा कि चुनाव आयोग सरकार के हाथ में है। अगर लोकतंत्र ऐसे ही चलता रहा और चुनाव आयोग सरकार के लिए पैरवी करता रहा तो जो नतीजे आएंगे वो आपके सामने हैं। अगर यही व्यवस्था चलती रही तो ये लोकतंत्र नहीं बल्कि दिखावा है। हमें कई सालों से शक है? जमीन पर क्या होता है ये सबको पता है लेकिन सुनने वाला कोई नहीं है।
टीएमसी सांसद सौगात राय ने उठाया बंगाल का मुद्दा
तृणमूल कांग्रेस के सदस्य सौगत रॉय ने कहा कि मतदाता सूची में कुछ खामियां हैं और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि मुर्शिदाबाद और बर्दवान संसदीय क्षेत्रों और हरियाणा में एक ही ईपीआईसी (चुनावी फोटो पहचान पत्र) संख्या वाले मतदाता मौजूद हैं। टीएमसी ने कहा कि तृणमूल का एक प्रतिनिधिमंडल मतदाता सूची पर चिंताओं को उठाने के लिए नवनियुक्त मुख्य चुनाव आयुक्त से मिल रहा है। उन्होंने मतदाता सूचियों में व्यापक संशोधन की भी मांग की, खास तौर पर अगले साल पश्चिम बंगाल और असम में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले।
आप सांसद ने भी उठाया सवाल
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा है कि चुनाव आयोग और बीजेपी मिलकर सरकारी तंत्र का दुरुपयोग करते हैं। फर्जी वोटर बना रहे हैं। महाराष्ट्र, हरियाणा और दिल्ली में किया और अब बंगाल में शुरू हो गया है.।अगर चुनाव की प्रक्रिया ही निष्पक्ष ही नहीं रहेगी तो फिर यहां कैसे आप चुनकर आएंगे।वरना एक ही पार्टी जीतती रहेगी और घोटाले करती रहेगी।



