देश में इस बार गर्मी ने शुरुआत से ही अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए थे जो समय के साथ और तीव्र होते जा रहे हैं । इन दिनों दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। दिल्ली में अधिकतम तापमान 43 डिग्री दर्ज किया गया, और आने वाले दिनों में इसके और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
शनिवार को देश में सबसे अधिक तापमान बांदा में 47.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके बाद प्रयागराज में 45.5 डिग्री, वाराणसी में 45 डिग्री और झांसी में 44.8 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। वहीं गाजियाबाद में पारा 43 डिग्री तक पहुंच गया। कई इलाकों में तापमान सामान्य से 5 डिग्री या उससे अधिक बना हुआ है, जिससे हीट स्ट्रेस की स्थिति पैदा हो रही है।
👉 यह भी पढ़ें:
मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य भारत के कई हिस्सों में लू चलने की संभावना है। उत्तर भारत में रातें भी गर्म रहने का अनुमान है। विशेषज्ञों के अनुसार यह स्थिति ‘हीट डोम’ जैसी बन सकती है, जिसमें गर्म हवा एक क्षेत्र में फंस जाती है और तापमान लगातार बढ़ता रहता है।
गर्मी के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए कई राज्यों ने एहतियाती कदम उठाए हैं। उत्तर प्रदेश में आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद और मैनपुरी में दोपहर 12 से 4 बजे तक मजदूरों के काम पर रोक लगा दी गई है। ओडिशा में सोमवार से सभी सरकारी स्कूल बंद करने का निर्णय लिया गया है। केरल में लोगों को दिन के 11 से 3 बजे तक घर से बाहर न निकलने और ‘सेल्फ लॉकडाउन’ अपनाने की सलाह दी गई है। कर्नाटक में सभी अस्पतालों में हीट स्ट्रोक यूनिट बनाने के निर्देश दिए गए हैं, जो 31 जुलाई तक सक्रिय रहेंगी। मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में स्कूलों की छुट्टी घोषित कर दी गई है।
मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर की तेज धूप से बचने, पर्याप्त पानी पीने, हल्के और ढीले कपड़े पहनने तथा बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है। सावधानी बरतने से हीट स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है।
हालांकि, देश के कुछ पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम ने राहत भी दी है। श्रीनगर समेत कश्मीर घाटी के मैदानी इलाकों में रुक-रुक कर बारिश हुई, जिससे तापमान में गिरावट आई। वहीं जोजिला दर्रा पर हल्की बर्फबारी दर्ज की गई। इसी तरह हिमाचल प्रदेश में रोहतांग दर्रा और कुंजम दर्रा सहित ऊंची चोटियों पर बर्फबारी हुई, जिससे वहां ठंडक बनी हुई है।
कुल मिलाकर, देश के अधिकांश हिस्सों में भीषण गर्मी का असर साफ दिख रहा है, और आने वाले दिनों में यह और तेज़ हो सकता है। ऐसे में सतर्कता और सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।


