नई दिल्ली। देशभर में वक्फ संशोधन कानून आज यानी मंगलवार से लागू हो गया। केंद्र सरकार ने इस संबंध में नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। वक्फ संशोधन विधेयक के संसद के दोनों सदनों से पास होने के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार 5 अप्रैल को मंजूरी दे दी थी। इधर, इस कानून के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं दायर की गई हैं।
केंद्र सरकार की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है, केंद्र सरकार, वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 (2025 का 14) की उप-धारा (2) की धारा 1 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, 8 अप्रैल, 2025 को वह तारीख नियुक्त करती है जिस दिन उक्त अधिनियम के प्रावधान लागू होंगे।
केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एक कैविएट दाखिल किया है। कैविएट एक तरह की अर्जी होती है। इसे कोई भी पक्ष हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट में दाखिल कर सकता है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना होता है कि कोई भी आदेश बिना उसे सुने पारित न किया जाए। केंद्र सरकार ने यह कैविएट वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं के खिलाफ दाखिल किया है।
वक्फ कानून के खिलाफ कई याचिकाएं
नए वक्फ कानून के खिलाफ कई याचिकाएं दायर की गई हैं। इनमें राजनेताओं, ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और जमीयत उलेमा-ए-हिंद की याचिकाएं भी शामिल हैं। 7 अप्रैल को, चीफ जस्टिस संजीव खन्ना की अध्यक्षता वाली बेंच ने जमीयत उलेमा-ए-हिंद के वकील कपिल सिब्बल को आश्वासन दिया कि वे याचिकाओं को सूचीबद्ध करने पर विचार करेंगे।


