वाराणसी। पीएम नरेंद्र मोदी आज अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में थे। उन्होंने वहां 3900 करोड़ रुपए की 44 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। धानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को वाराणसी में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने काशीवासियों को भोजपुरी में संबोधित करते हुए कहा कि काशी के हमरे परिवार के लोगन के हमार प्रणाम। आप सब लोग यहां हमें आपन आशीर्वाद देला। हम ए प्रेम क कर्जदार हईं। काशी हमार हौ, हम काशी क हईं।
पीएम मोदी ने कहा कि कल हनुमान जन्मोत्सव का पावन दिन है और आज मुझे संकटमोचन महाराज की काशी में आपके दर्शन का सौभाग्य मिला है। हनुमान जन्मोत्सव से पहले काशी की जनता आज विकास का उत्सव मनाने यहां एकत्र हुई है। बीते 10 वर्षों में बनारस के विकास ने एक नई गति पकड़ी है। काशी ने आधुनिक समय को साधा है, विरासत को संजोया है और भविष्य को उज्ज्वल बनाने की दिशा में मजबूत कदम रखे हैं। आज काशी सिर्फ पुरातन नहीं, प्रगतिशील भी है। पीएम ने कहा कि आज सामाजिक चेतना के प्रतीक महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती भी है। महात्मा ज्योतिबा फुले और सावित्रीबाई फुले जी ने जीवन भर नारीशक्ति के हित, उनके आत्मविश्वास और समाज कल्याण के लिए काम किया। आज हम उनके विचारों को, उनके संकल्पों को, नारी सशक्तिकरण के उनके आंदोलन को आगे बढ़ा रहे हैं, नई उर्जा दे रहे हैं।
कुछ लोग सिर्फ सत्ता हथियाने में लगे रहते हैं
कुछ लोग सत्ता हथियाने में लगे रहते हैं। उनका सिद्धांत परिवार का साथ, परिवार का विकास है। हमारा मंत्र सबका साथ सबका विकास है। बीते दशक में वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों की कनेक्टिविटी पर करीब 45 हजार करोड़ रुपये खर्च किए। ये पैसा सिर्फ कंक्रीट पर नहीं गया, ये विश्वास में बदला है। इस निवेश का लाभ आज पूरी काशी और आसपास के जिलों को मिल रहा है। भदोही, गाजीपुर और जौनपुर के रास्तों पर भी काम शुरू हुआ है। भिखारीपुर और मंडीवाड़ी पर भी फ्लाईओवर की मांग काफी समय से हो रही थी। ये होने जा रहा है। अब गाजीपुर, जौनपुर, मिर्जापुर, आजमगढ़ हर शहर में पहुंचने का रास्ता चौड़ा हो गया है। जहां पहले जाम था, आज वहां विकास की रफ्तार दौड़ रही है। अब तो काशी में सिटी रोपवे का ट्रायल भी शुरू हो गया है। बनारस दुनिया के चुनिंदा शहरों में होगा, जहां ऐसी सुविधा होगी।
काशी की हर गली में भारत का अलग रंग
काशी के हर मोहल्ले, गली में भारत का एक अलग रंग दिखता है। मुझे खुशी है कि काशी तमिल संगमम जैसे आयोजन से एकता का सूत्र मजबूत हो रहा है। अब यहां एकता मॉल भी बनने जा रहा है, यहां भारत की विविधता के दर्शन होंगे। भारत के अलग-अलग जिलों के उत्पाद यहां एक ही छत पर मिलेंगे। बीते वर्षों में यूपी में अपना आर्थिक नक्शा और नजरिया भी बदला है। यूपी अब सिर्फ संभावनाओं की धर्ती नहीं रहा, अब ये सामर्थ्य और संकल्प सिद्धियों की भूमि बन रहा है।


