
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु में शराब रिटेल से जुड़े सरकारी तमिलनाडु स्टेट मार्केटिंग निगम (TASMAC) के केस में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के खिलाफ कड़ी टिप्पणी की है। कोर्ट ने ईडी की कार्रवाई पर रोक लगाते हुए कहा कि ईडी सारी सीमाएं तोड़ रही है। देश की संघीय संरचना का पूरी तरह से उल्लंघन कर रही है।
चीफ जस्टिस बीआर गवई की अगुवाई वाली बेंच ने ईडी की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू से कहा कि आपका ईडी सभी सीमाएं पार कर रहा है। कॉर्पोरेशन के खिलाफ अपराध कैसे बनता है? उन्होंने कहा कि ईडी सभी सीमाएं पार कर रहा है। आप देश की संघीय संरचना का पूरी तरह उल्लंघन कर रहे हैं। अदालत ने तमिलनाडु सरकार द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें मद्रास उच्च न्यायालय द्वारा TASMAC मुख्यालय पर ED की छापेमारी के खिलाफ दायर याचिका को खारिज करने को चुनौती दी गई थी।
राज्य सरकार की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने कहा कि राज्य ने 2014 से 2021 के बीच शराब की दुकानों के संचालकों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों में 41 प्राथमिकी दर्ज की हैं। हालांकि, ED ने 2025 में हस्तक्षेप किया और मुख्यालय पर छापेमारी की, अधिकारियों के फोन और उपकरण जब्त किए। सिब्बल ने कहा कि यह एक कॉर्पोरेशन है जो शराब की दुकानें देता है। हमने पाया कि कुछ लोग जिन्हें दुकानें दी गई थीं, वास्तव में नकद ले रहे थे। इसलिए, राज्य ने 2014 से 2021 के बीच व्यक्तियों के खिलाफ 41 प्राथमिकी दर्ज कीं, न कि कॉर्पोरेशन के खिलाफ। ईडी 2025 में तस्वीर में आता है और कॉर्पोरेशन (TASMAC) और मुख्यालय पर छापेमारी करता है। सभी फोन लिए गए, सब कुछ लिया गया। सब कुछ क्लोन किया गया। इस दौरान चीफ जस्टिस गवई ने आडिशनल सॉलिसिटर जनरल से सवाल किया कि कॉर्पोरेशन के खिलाफ अपराध कैसे बनता है। आप व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कर सकते हैं, लेकिन कॉर्पोरेशन के खिलाफ आपराधिक मामला? मिस्टर राजू आपका ईडी सभी सीमाएं पार कर रहा है। TASMAC की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने कहा कि ईडी ने TASMAC अधिकारियों के फोन की क्लोन की गई प्रतियां ली हैं, जो उनकी गोपनीयता का उल्लंघन है। एएसजी राजू ने दावा किया कि यह 1000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला है। हालांकि चीफ जस्टिस ने सवाल किया कि प्राथमिक अपराध क्या था और कहा कि ईडी सभी सीमाएं पार कर रहा है।
निगम को आरोपी बनाने पर जताया आश्चर्य
तमिलनाडु सरकार का कहना था कि उसने 2014 से 2021 के बीच खुद तमिलनाडु स्टेट मार्केटिंग निगम (TASMAC) के अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ 41 एफआईआर दर्ज करवाई हैं। शराब बिक्री का लाइसेंस देने में गड़बड़ी समेत दूसरे आरोपों की जांच राज्य की एजेंसियां कर रही हैं। इस बीच ईडी ने मामले में केस दर्ज कर लिया। यह केस सीधे निगम के खिलाफ है। इस पर चीफ जस्टिस ने हैरानी जताते हुए कहा क ‘निगम को ही आरोपी बना दिया?



