कर्नाटक में सियासी तूफान: प्रियांक खरगे का RSS पर तीखा हमला, BJP को बताया ‘छाया’

Date:

कर्नाटक में सियासी तूफान: प्रियांक खरगे का RSS पर तीखा हमला, BJP को बताया ‘छाया’

कर्नाटक की राजनीति में बयानबाजी एक बार फिर तेज हो गई है। राज्य सरकार के मंत्री प्रियांक खरगे ने RSS पर कड़ा प्रहार करते हुए उसे “शैतान” करार दिया और BJP को उसकी “छाया” बताया। उन्होंने संगठन की फंडिंग, कानूनी स्थिति और जवाबदेही पर गंभीर सवाल उठाए।

“शैतान और उसकी छाया” वाला बयान

एक सार्वजनिक कार्यक्रम में खरगे ने कहा कि अगर RSS नहीं होता, तो भाजपा की स्थिति और कमजोर होती। उन्होंने कहा, “हम शैतान की छाया से लड़ रहे हैं। शैतान कौन है? RSS। उसकी छाया कौन है? भाजपा। अगर हम छाया की बजाय असली स्रोत से लड़ें, तो देश अपने आप बेहतर होगा।”

फंडिंग और जवाबदेही पर सवाल

खरगे ने RSS की फंडिंग को लेकर पारदर्शिता पर प्रश्न उठाए। उन्होंने कहा कि जब संगठन से धन के स्रोत के बारे में पूछा जाता है तो “गुरु दक्षिणा” का हवाला दिया जाता है।
उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि अगर कोई अन्य व्यक्ति अपना झंडा लगाकर चंदा इकट्ठा करे, तो क्या सरकार और RSS उसे स्वीकार करेंगे?

मंत्री ने कहा कि जब आम नागरिकों और संस्थाओं को टैक्स देना पड़ता है और हर लेन-देन का हिसाब देना होता है, तो RSS क्यों अलग है? उन्होंने मांग की कि संगठन को संविधान और कानून के तहत पंजीकृत होना चाहिए।

2,500 से अधिक संगठनों का नेटवर्क?

खरगे ने आरोप लगाया कि RSS का 2,500 से अधिक संगठनों का नेटवर्क है, जिनमें अमेरिका और इंग्लैंड जैसे देशों में सक्रिय इकाइयाँ भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यापक नेटवर्क की फंडिंग के स्रोतों पर पारदर्शिता जरूरी है।

कानून और संविधान से ऊपर?

पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने RSS प्रमुख मोहन भागवत के पुराने बयान का जिक्र किया, जिसमें संगठन को “व्यक्तियों का समूह” बताया गया था। खरगे ने सवाल उठाया कि यदि यह सिर्फ व्यक्तियों का समूह है, तो क्या क्लब और एसोसिएशन भी ऐसे ही नहीं होते? क्या वे पंजीकृत नहीं होते और टैक्स नहीं देते?

धर्म और सामाजिक मुद्दों पर टिप्पणी

धार्मिक संदर्भ में उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित रामायण का स्वरूप अलग है और आज धर्म की व्याख्या अलग तरीके से की जा रही है। उनके अनुसार, धर्म के नाम पर हिंसा को बढ़ावा देना उचित नहीं है।

साथ ही, मोहन भागवत के “अधिक बच्चों” संबंधी पुराने बयान पर तंज कसते हुए खरगे ने कहा कि जो स्वयं विवाह नहीं करते, वे दूसरों को परिवार बढ़ाने की सलाह दे रहे हैं।

बढ़ी सियासी तकरार

खरगे के इन बयानों से कर्नाटक में सियासी माहौल गरमा गया है। भाजपा और RSS की ओर से प्रतिक्रिया आना अभी बाकी है, लेकिन यह साफ है कि आने वाले दिनों में यह विवाद और गहराने वाला है।

Abhilash Shukla (Editor)
Abhilash Shukla (Editor)http://www.hbtvnews.com
Abhilash Shukla is an experienced editor with over 28 years in journalism. He is known for delivering balanced, impactful, and credible news coverage.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

Recent News
Related

कमजोर स्क्रीनप्ले और लॉजिक की कमी के कारण एक यादगार लव स्टोरी बनते-बनते रह गई ‘डकैत: एक प्रेम कथा’

-डॉ. प्रकाश हिन्दुस्तानी, वरिष्ठ पत्रकार एक  इंटेंस और इमोशनल एक्शन-रोमांस...

हिंद महासागर पर एकजुटता का आह्वान: संकट के बीच जयशंकर का सहयोग पर जोर

एस जयशंकर ने होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े वैश्विक तनाव...