देश में 1 जुलाई 2026 से ग्रामीण रोजगार व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव लागू हो गया है। लंबे समय तक ग्रामीण रोजगार की पहचान रहे मनरेगा (MGNREGA) की जगह अब विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 (VB-GRAM-G Act) लागू हो गया है। केंद्र सरकार का दावा है कि यह नया कानून केवल रोजगार देने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य के अनुरूप ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देगा।
क्या है VB-GRAM-G कानून?
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नए कानून के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के ऐसे परिवारों के वयस्क सदस्य, जो अकुशल श्रम करने के इच्छुक हैं, उन्हें हर वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के रोजगार की गारंटी मिलेगी। पहले मनरेगा के तहत यह सीमा 100 दिन थी।
सरकार का उद्देश्य केवल मजदूरी उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि गांवों में स्थायी और उत्पादक परिसंपत्तियों (Assets) का निर्माण करना है, जिससे रोजगार के साथ-साथ ग्रामीण विकास को भी गति मिले।
चार बड़े क्षेत्रों पर रहेगा फोकस
1. जल सुरक्षा (Water Security):
जल संरक्षण, भूजल पुनर्भरण, सिंचाई सुविधाएं, तालाबों और जलाशयों का पुनर्जीवन तथा वनीकरण को प्राथमिकता दी जाएगी।
2. ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर (Rural Infrastructure):
ग्रामीण सड़कें, स्कूल, सार्वजनिक भवन, स्वच्छता व्यवस्था, सौर ऊर्जा परियोजनाएं और आवास योजनाओं का विस्तार किया जाएगा।
3. आजीविका और रोजगार (Livelihood Development):
कृषि, मत्स्य पालन, भंडारण, ग्रामीण बाजार और कौशल विकास को रोजगार कार्यक्रम से जोड़ा जाएगा, ताकि ग्रामीणों की आय बढ़ सके।
4. आपदा प्रबंधन (Disaster Preparedness):
बाढ़ नियंत्रण, तटबंध निर्माण, राहत शिविर, पुनर्वास कार्य और जंगलों में आग से बचाव जैसी परियोजनाओं को भी योजना का हिस्सा बनाया गया है।
मनरेगा से कैसे अलग है नया कानून?
सरकार के अनुसार VB-GRAM-G Act में कई बड़े बदलाव किए गए हैं—
- रोजगार की गारंटी 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन।
- सभी विकास कार्यों को राष्ट्रीय ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर स्टैक से जोड़ा जाएगा।
- GPS आधारित मॉनिटरिंग, रियल-टाइम डेटा ट्रैकिंग और सोशल ऑडिट अनिवार्य होंगे।
- केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य के अनुरूप ग्रामीण विकास की साझा रणनीति तैयार करेंगी।
क्यों लाया गया नया कानून?
सरकार का कहना है कि कई राज्यों में मनरेगा के दुरुपयोग, फर्जी जॉब कार्ड, कागजों पर काम दिखाकर भुगतान, मशीनों से कार्य कराकर मजदूरी निकालने और भ्रष्टाचार की शिकायतें सामने आई थीं। इन्हीं कमियों को दूर करने, पारदर्शिता बढ़ाने और ग्रामीण रोजगार व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए VB-GRAM-G कानून लागू किया गया है।
सरकार का दावा है कि यह नया कानून रोजगार के साथ-साथ ग्रामीण बुनियादी ढांचे, आर्थिक विकास, पारदर्शिता और डिजिटल निगरानी को भी मजबूत करेगा।
आपकी क्या राय है? क्या मनरेगा की जगह लागू हुआ VB-GRAM-G कानून ग्रामीण भारत की तस्वीर बदल पाएगा, या पुराने सिस्टम को ही और मजबूत करना बेहतर होता? अपनी राय कमेंट में जरूर साझा करें।



