इंदौर। भारतीय जनता युवा मोर्चा के इंदौर अध्यक्ष की कवायद चल रही है। कई दावेदारों को तो प्रदेश कार्यकारिणी में एडजस्ट कर दिया गया है, लेकिन बाकी अपने आकाओं के माध्यम जोर आजमाइश कर रहे हैं। संगठन ने तीन नाम भेजे भी हैं, जिनमें से एक नाम पर संघ का ज्यादा जोर है। अगर ऐसा हुआ तो यह पैराशूट एंट्री ही होगी।
संगठन ने भेजे हैं तीन नाम
भाजपा सूत्रों द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार संगठन ने तीन-चार नाम भेजे हैं। इनमें अक्षत चौधरी, मयुरेश पिंगले और अक्षांशु तिवारी का नाम शामिल है। अक्षत चौधरी के बारे में सबको पता है कि ये भाजपा के नए धन्ना सेठ हैं और हर आयोजन में भारी पैमाने पर पैसे खर्च कर रहे हैं। चौधरी इंदौर में काम बिगड़ता देख प्रदेश कार्यकारिणी के लिए लगे थे, लेकिन सफलता नहीं मिल पाई।
कांग्रेसी बैकग्राउंड के तिवारी के लिए जुटा संघ
संगठन ने जो नाम भेजे हैं, उनमें अक्षांशु तिवारी का नाम भी है। इनके लिए संघ के कई पदाधिकारी और नेता लगे हुए हैं। चर्चा है कि बलिरामजी, श्रीकांतजी और राजमोहनजी इनके लिए कोशिश कर रहे हैं। अक्षांशु का बैकग्राउंड कांग्रेसी है और इनका पूरी परिवार लंबे समय तक कांग्रेस के लिए समर्पित रहा है। अब भाजपा में चर्चा है कि पता नहीं क्या देख कर संघ के पदाधिकारी इनका नाम आगे बढ़ा रहे हैं।
पिंगले और ठाकुर के नाम की भी चर्चा
भाजयुमो अध्यक्ष पद के लिए जो दावेदार लगे हैं, उनमें मयूरेश पिंगले और धीरज ठाकुर के नाम की भी चर्चा है। मयूरेश लंबे समय से सक्रिय हैं। पहले भय्यू महाराज के साथ जुड़े थे। इसके बाद विधायक मालिनी गौड़ से जुड़ गए। नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा का भी इनके सिर पर हाथ है। धीरज ठाकुर वहीं हैं जो हाल ही में गाड़ी विवाद से चर्चा में आए थे। पहले ये सुदर्शन गुप्ता के खास हुआ करते थे, फिर महेंद्र सिंह के खेमे में गए और अब राहुल कोठारी के साथ जुड़े बताए जा रहे हैं।
रोहित चौधरी के सामने एज फैक्टर की चुनौती
एक और पुराने कार्यकर्ता रोहित चौधरी का नाम भी चर्चा में है। वे महामंत्री भी रहे हैं। विधायक रमेश मेंदोला के साथ ही खाती समाज का होने के कारण जीतू जिराती के खास माने जाते हैं। नेता इनका नाम भी आगे बढ़ा रहे हैं, लेकिन कहा जा रहा है कि इनके लिए एज फैक्टर चुनौती रहेगी।
आम कार्यकर्ता फिर भी रहेंगे खाली हाथ
अभी तक जिन कार्यकर्ताओं के नाम की चर्चा चल रही है, उनमें से अधिकांश बड़े नेताओं के समर्थक हैं। आम कार्यकर्ताओं में चर्चा है कि क्या इस बार भी उन्हें खाली हाथ रहना पड़ेगा, क्योंकि इस बार पैसे का भी जोर दिखाई दे रहा है। इसकी शिकायत प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल तक पहुंच गई। भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष श्याम टेलर भी इतना डर गए कि धन्ना पतियों को प्रदेश कार्यकारिणी में जगह नहीं दी।
क्या पैराशूट एंट्री होगी या चलेगा पैसा
भाजपा के आम कार्यकर्ताओं में यह चर्चा हो रही है कि क्या इस बार भाजयुमो अध्यक्ष की पैराशूट एंट्री होगी या जो धन्नापति दावा करते दिखाई दे रहे हैं उन्हें सफलता मिल जाएगी। संघ जिस नाम पर जोर दे रहा है, वह तो एक तरह से पैराशूट एंट्री ही है। अगर अक्षत चौधरी या धीरज ठाकुर में से कोई चुना जाता है तो माना जाएगा कि कार्यकर्ताओं की मेहनत और निष्ठा पर पैसा भारी पड़ गया। अब देखना है कि क्या होता है।
श्याम टेलर का दो बार टला था दौरा
भाजपा में यह भी सबको पता है कि प्रदेश अध्यक्ष श्याम टेलर का दो बार इंदौर दौरा किसने टाला था। किसने लाखों रुपए खर्च कर होर्डिंग लगाए और फिर प्रदेश संगठन तक शिकायत पहुंचाकर श्याम टेलर को इंदौर नहीं आने दिया। हद तो तब हो गई, जब टेलर को इंदौरी दावेदारों ने महापौर पुष्यमित्र भार्गव की मशाल यात्रा में भी नहीं शामिल होने दिया। इसका कारण एकमात्र था कि इससे कहीं महापौर समर्थक नयन तुबे को फायदा न हो जाए। हालांकि नयन दुबे प्रदेस कार्यकारिणी में शामिल कर लिए गए।




