नगर निगम में तीन घंटे में मिली अनुकंपा नियुक्ति पर विवाद, जिसे निगमायुक्त ने नियुक्ति दी, वह दस्तावेजों में मृतक सफाईमित्र की पत्नी ही नहीं

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इंदौर। इसी महीने की मंगलवार को नगर निगम आयुक्त के सामने एक अनुकंपा नियुक्ति का मामला सामने आया था। निगमायुक्त ने इस कार्य में लापरवाही बरतने पर स्वास्थ्य सेवा यूनिट प्रभारी राजेश करोसिया को निलंबित करते हुए अधिकारियों को महिला को तत्काल अनुकंपा नियुक्ति देने के आदेश दिए थे। इसके बाद करीब तीन घंटे में महिला की नियुक्ति कर भी दी गई, लेकिन अब इस मामले में नया पेंच आ गया है। बताया जाता है कि जिस महिला की नियुक्ति की गई है वह मृतक कर्मचारी की पत्नी है ही नहीं।

इस संबंध में निलंबित स्वास्थ्य सेवा यूनिट प्रभारी राजेश करोसिया ने निगमायुक्त को तथ्यों सहित पत्र लिखकर आपत्ति ली है। पत्र में करोसिया ने लिखा है कि निगम के मृतक सफाईकर्मी पंकज पिता कमल के सर्विस शासकीय रिकार्ड अनुसार कविता नाम की महिला इसकी पत्नी नहीं है। मेरे द्वारा मृतक पंकज के सर्विस रिकार्ड नामिनेशन में अंकित वारिसों में दीपिका पति पंकज, माता कमला पति मनोहर के नाम अंकित होने पर उन्हें सूचना पत्र देकर कार्यालय बुलाया था, लेकिन वे नहीं आए। न ही उनके द्वारा कोई आवेदन पत्र प्रस्तुत किया गया है। इसी कारण मृतक पंकज पिता कमल सफाई मित्र झोन क्रमांक 02 वार्ड क्रमांक 69 को सेवा समाप्ति का आदेश आज दिनांक तक अपर आयुक्त नगर पालिक निगम स्वास्थ्य स्थापना द्वारा जारी नही किया गया है।

जिसे नियुक्ति दी, रिकॉर्ड में वह पत्नी नहीं

करोसिया ने लिखा है कि विधि विधान अनुसार अनुसार अनुकम्पा नियुक्ति म.प्र.शासन के जारी नियम आदेश क्रमांक सी 3-12/2013/1/3 भोपाल दिनांक 29 सितम्बर 2014 के कविता पति पंकज को जो रिकार्ड अनुसार पत्नी नहीं है अन्य परिवार के सहमति शपथ पत्र भी प्रस्तुत नहीं होने से अनुकम्पा नियुक्ति दी जाना संभव नही होगा। मेरे द्वारा यह जानकारी देने के बाद भी आपने मुझे निलंबित कर दिया।

गैर कानूनी तरीके से बनाया उत्तराधिकारी

करोसिया ने लिखा है कि मृतक पंकज की सेवा समाप्ति के आदेश के बिना आपके द्वारा बगैर रिकार्ड के किसी महिला को वारिस पत्नी बनाकर गैर कानूनी तरीके से उत्तराधिकारी घोषित किया गया है। माननीय सक्षम न्यायालय से उत्तराधिकारी घोषित किए बिना ही संबंधित को विधि के विपरित अज्ञा पत्र क्रमांक 610 दिनांक 01/04/2025 से नियुक्ति प्रदान की गई है। जो विधि संगत नही है। उक्त आदेशो को 02 दिवस के भीतर समाप्त कर मुझ निर्दोष प्रभारी स्वास्थ्य सेवा युनिट को उसी यथा स्थान पर निलंबन से बहाल करने की कृपा करे।

निगम रिकॉर्ड में मामा को पिता बना दिया

करोसिया ने यह भी लिखा है कि सफाई मित्र पंकज की मूल नस्ती को निरीक्षण परीक्षण किया गया एवं जिस मे यह पाया गया कि पंकज मेडिकल आधार पर अपने मामा कमल धोलपुरे के स्थान पर अनुकम्पा नियुक्ति प्राप्त की थी। जो कमल धोलपुरे का पुत्र नहीं है, वह मनोहर कल्याणे का पुत्र है निगम रिकार्ड में मामा कैसे पिता हो गए जांच का विषय हैं।

रिकॉर्ड में दीपिका का नाम है दर्ज

इस संबंध मे मूल नस्ती का परीक्षण संबंधित झोन क्रमांक 02. प्रभारी क्लर्क एवं मेरे द्वारा आवेदन पर परीक्षण किया तो पाया गया की शासकीय रिकार्ड में स्व. पंकज (मृतक) की पत्नी का नाम वारिस नामे मे दीपिका दर्ज है। जबकी दूसरी पत्नी कविता का शासकीय रिकार्ड में किसी भी दस्तावेजों मे नाम अंकित नहीं है। इस प्रकार दस्तावेजो के प्रमाण में कविता पत्नी होना नहीं पाया गया, जिसमे विधि विधान अनुसार अनुकम्पा नियुक्ति की हकदार एवं मृतक के स्वतो (आर्थिक हितलाभ) का भुगतान का न्यायिक वारिसनामा प्रस्तुत करने के बाद ही कविता या अन्य हकदार होगे।

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