इंदौर। प्रदेश के तेज तर्रार वरिष्ठ आईएएस मो. सुलेमान अब रिटायरमेंट से पहले ही रिटायर हो रहे हैं। उन्हेंने वीआरएस के लिए आवेदन दिया था, जिसे केंद्रीय कार्मिक और प्रशिक्षण मंत्रालय ने मंजूर कर लिया है। जुलाई 2025 में रिटायर होने वाले सुलेमान अब 13 मार्च से वीआरएस ले लेंगे।
मो. सुलेमान ने ग्वालियर के असिस्टेंट कलेक्टर के रूप में नौकरी की शुरुआत की थी। इसके बाद वे सिवनी, बालाघाट और इंदौर के कलेक्टर रहे। कोरोना के दौरान मोहम्मद सुलेमान को एसीएस हेल्थ की अहम जिम्मेदारी दी गई थी। वह पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान के भरोसेमंद अफसरों में शामिल रहे। प्रदेश में मोहन सरकार बनने तक एसीएस हेल्थ के रूप में काम करते रहे। साल 2018 में कमलनाथ के कार्यकाल में भी मोहम्मद सुलेमान को उद्योग जैसे अहम विभाग की जिम्मेदारी मिली थी।
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कई तरह के लग रहे कयास
वीआरएस लेने के बाद सुलेमान को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि वीआरएस लेने के बाद सुलेमान द एनर्जी एंड रिसोर्सेस इंस्टीट्यूट (टेरी) नाम प्रतिष्ठान से पीएचडी करेंगे। साथ ही वे दिल्ली में रहकर पढ़ाने का काम भी कर सकते हैं। यह भी कहा जा रहा है कि सुलेमान किसी मल्टी नेशनल कम्पनी के साथ भी जुड़ सकते हैं।
स्विटजरलैंड ले गए थे कमलनाथ
मो. सुलेमान ने 2019 में कमलनाथ के साथ स्विट्जरलैंड का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने निवेशकों के सम्मेलन का आयोजन भी किया। हालांकि, सरकार बदलने पर भी सुलेमान की स्थिति मजबूत बनी रही। शिवराज सिंह चौहान के फिर से मुख्यमंत्री बनने पर सुलेमान की स्थिति अच्छी ही रही। 2023 में जब डॉ. मोहन यादव ने प्रशासन में व्यापक बदलाव किए, तब भी सुलेमान का प्रभाव कम नहीं रहा।


