मध्यप्रदेश ने बनाया नया पर्यटन रिकॉर्ड, 2023 में 112.1 मिलियन पर्यटक आए

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत में पर्यटन और सांस्कृतिक अभ्युदय का नया इतिहास लिखा जा रहा है। पौराणिक काल से ही देश में सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और सनातन परम्परा के गौरव को संरक्षित करने और सहेजने की परम्परा रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सांस्कृतिक अभ्युदय के संकल्प को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश शासन मजबूती से कदम बढ़ा रहा है। भारत में पर्यटन को एक महत्वपूर्ण आर्थिक क्षेत्र के रूप में देखा गया है। उनका मानना है कि पर्यटन न केवल आर्थिक लाभ प्रदान करता है, बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक धरोहर को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करने का एक सशक्त साधन है।

27 सितंबर को मनाए जाने वाले विश्व पर्यटन दिवस का उद्देश्य पर्यटन के महत्व और उसकी सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक भूमिका को पहचानना है। वर्ष 2024 की थीम “पर्यटन और शांति” एक अत्यंत महत्वपूर्ण विचारधारा को दर्शाती है, जिसमें पर्यटन को शांति और सद्भाव का एक माध्यम माना गया है। पर्यटन वैश्विक स्तर पर शांतिपूर्ण संवाद के लिए एक महत्वपूर्ण माध्यम है। जब लोग विभिन्न देशों और संस्कृतियों के लोगों के साथ संपर्क में आते हैं, तो यह समावेशिता और सम्मान की भावना को प्रोत्साहित करता है। इसके साथ ही, जब पर्यटन एक क्षेत्र में बढ़ता है, तो स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर उत्पन्न होते हैं और उनका जीवन स्तर सुधरता है, जिससे संघर्ष और असमानता कम होती है। यह संपूर्ण प्रक्रिया अंततः शांति और समृद्धि को बढ़ावा देती है।

अतुल्य भारत का हृदय मध्यप्रदेश एक बहुविध गंतव्य होने के साथ-साथ नैसर्गिक समृद्ध वन्य जीवन, प्राचीन समृद्ध विरासत, विविध जीवंत संस्कृति का प्रदेश है। लगभग 112.1 मिलियन पर्यटक आगमन के साथ वर्ष 2023 में मध्यप्रदेश ने एक नया पर्यटन रिकॉर्ड स्थापित किया है जो वर्ष 2022 में 34.1 मिलियन आगंतुकों की संख्या से तीन गुना है। भारत में सबसे ज़्यादा 785 बाघों के साथ मध्यप्रदेश देश का चीता, घड़ियाल, तेंदुआ और गिद्ध की अधिक संख्या वाला प्रदेश भी है। मध्यप्रदेश 12 राष्ट्रीय उद्यानों का घर है जो प्राकृतिक लुभावने परिदृश्य और विविध वन्यजीव के लिए जाने जाते है। इसके अलावा मध्यप्रदेश में 50 से अधिक अभ्यारण्य और प्राकृतिक दृष्टि से रमणीय स्थल विद्यमान हैं।

मध्यप्रदेश पुरातत्व और भूगर्भीय चमत्कारों का राज्य है। इतिहास और संस्कृति से भरे खजाने में 14 यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल हैं। मध्यप्रदेश में बौद्ध तीर्थ स्थल सांची स्तूप, स्थापत्य कला का अद्वितीय नमूना खजुराहो मंदिर और प्रागैतिहासिक गुफा चित्रों का खजाना “भीमबेटका रॉक शेल्टर” यूनेस्को की स्थायी सूची में शामिल हैं। यूनेस्को की अस्थाई सूची में ग्वालियर किला, धमनार रॉक-कट गुफाएं, भोजेश्वर महादेव मंदिर, चंबल घाटी रॉक कला, खूनी भंडारा-बुरहानपुर, रामनगर और मंडला गोंड स्थल, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व, भेड़ाघाट – लम्हेटा घाट, ओरछा, मांडू और भारत का कपड़ा समूह – चंदेरी शामिल हैं।

अविस्मरणीय अनुभव प्रदान करने के लिए गांधी सागर महोत्सव, जल महोत्सव, चंदेरी महोत्सव और कुनो वन महोत्सव शुरू किए गए हैं। जिसमें ऑल सीजन टेंट सिटी स्थापित किए गए हैं। यहां पर्यटक स्काईडाइविंग, हॉट एयर बैलूनिंग, पैरामोटरिंग, रिवर राफ्टिंग से लेकर ज़मीन, पानी और हवा पर आधारित साहसिक गतिविधियों का अनुभव कर सकते है।

विश्व प्रसिद्ध चंदेरी साड़ी के जन्मस्थल प्राणपुर को भारत के पहले हथकरघा शिल्प गांव में बदला जा रहा है। यह ऐतिहासिक शहर अपनी सदियों पुरानी हथकरघा बुनाई परंपराओं के लिए प्रसिद्ध है। प्रदेश में पर्यटकों के आवागमन को सुगम बनाने के लिए पीएम श्री पर्यटन वायु सेवा अंतर राज्यीय वायु सेवा शुरू की गई है।

मध्यप्रदेश में आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन के विकास पर विशेष जोर दिया जा रहा है। मध्य प्रदेश में गहन आध्यात्मिक और धार्मिक पर्यटन के प्रामाणिक अनुभव विकसित किए गए है। दो दिव्य ज्योतिर्लिंगों – ओंकारेश्वर और महाकालेश्वर, चित्रकूट, राम वन गमन पथ, विभिन्न आध्यात्मिक लोक, ओरछा राम राजा मंदिर, भगवान राम और श्री कृष्ण से जुड़े स्थल जिसमें उज्जैन में संदीपनी आश्रम, जानापाव पहाड़ी आध्यात्मिकता का अद्वितीय आनंद से परिपूर्ण है।

मध्यप्रदेश में पर्यटन स्थानीय समुदायों के विकास और उत्थान की प्रमुख धूरी बन रहा है। रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म की दिशा में बढ़ते हुए ग्रामीण पर्यटन स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाते हुए स्थानीय समृद्ध विरासत और संस्कृति को संरक्षित भी कर रहा है। ग्रामीण पर्यटन मिशन के तहत 100 से अधिक गांवों में 1000 होमस्टे का निर्माण किया जा रहा है। वर्तमान में 16 गांवों में फैले 41 ग्रामीण होमस्टे सहित 305 से अधिक होमस्टे आतिथ्य की गर्मजोशी, आरामदायक आवास, स्थानीय व्यंजनों के स्वाद के साथ क्षेत्र के जीवंत लोक नृत्य और संगीत को पर्यटकों से रूबरू करा रहे है। एक कदम आगे बढ़ महिलाओं हेतु सुरक्षित पर्यटन स्थल परियोजना अंतर्गत सोलो महिला यात्रियों की सुरक्षा और सुगमता का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।

मध्यप्रदेश विविध संस्कृतियों, परंपराओं और कलात्मक अभिव्यक्तियों का एक जीवंत चित्रपट है। अंतर्राष्ट्रीय खजुराहो नृत्य समारोह, तानसेन संगीत समारोह, भगोरिया उत्सव और लोकरंग जैसे आकर्षक कार्यक्रम और त्योहार मध्यप्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की झलक पेश करते हैं, तथा दुनिया भर से आने वाले पर्यटकों को अविस्मरणीय अनुभव प्रदान करते हैं। ताल दरबार, कथक कुंभ और उज्जैन डमरू वादन जैसे आयोजनों में गिनीस बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज होकर प्रदेश की संस्कृति को विश्व के सामने लाने में अहम भूमिका अदा की है।

मध्यप्रदेश खुद को भारत में एक अग्रणी फिल्म निर्माण केंद्र के रूप में स्थापित कर रहा है। राज्य की फिल्म-अनुकूल नीति, सिंगल-विंडो क्लीयरेंस और आकर्षक प्रोत्साहन ने इसे प्रोडक्शन हाउस के लिए पसंदीदा विकल्प बना दिया है। हाल ही में मध्यप्रदेश के चंदेरी में शूट की गई फिल्म स्त्री-2 घरेलू बॉक्स ऑफिस पर 600 करोड़ की कमाई करने वाली पहली हिंदी फिल्म बन गई है। एक कदम आगे जाते हुए भारत की तरफ से ऑस्कर में भेजी जाने वाली फिल्म लापता लेडीज भी मध्यप्रदेश में ही शूट हुई है। यह प्रदेश के लिए गौरव का विषय है।

“पर्यटन और शांति” का संदेश सिर्फ पर्यटन को बढ़ावा देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक और सांस्कृतिक सद्भावना की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में भारत में पर्यटन का विकास तेज़ी से हो रहा है, जिसमें ‘स्वदेश दर्शन’ और ‘प्रसाद’ जैसी योजनाओं ने विशेष योगदान दिया है। वहीं, मध्यप्रदेश सरकार भी अपने राज्य में पर्यटन स्थलों के विकास और आधारभूत ढांचे के उन्नयन पर विशेष ध्यान दे रही है।

हमारा मध्यप्रदेश पर्यटन की दृष्टि से अनंत संभावनाओं से भरपूर प्रदेश है। आने वाले समय में मध्यप्रदेश में पर्यटन न केवल आर्थिक वृद्धि का स्रोत बनेगा, बल्कि विश्व भर में शांति और सद्भावना का संदेश भी फैलाएगा। मध्यप्रदेश की प्राकृतिक एवं सामाजिक विविधता और उसकी सांस्कृतिक धरोहर को बढ़ावा देकर, हम न केवल अपनी पहचान को सशक्त करेंगे, बल्कि शांति और सद्भाव का एक आदर्श उदाहरण भी प्रस्तुत करेंगे।

Ardhendu Bhushan (Consulting Editor)
Ardhendu Bhushan (Consulting Editor)http://www.hbtvnews.com
Ardhendhu Bhushan is a senior consulting editor with extensive experience in the media industry. He is recognized for his sharp editorial insight and strategic guidance.

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