लव जिहाद मामले में मुस्लिम समाज की चुप्पी पर एकलव्य सिंह गौड़ ने उठाए सवाल, पत्र लिखकर पूछा-क्या आपकी मौन सहमति है?

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इंदौर। पूरे प्रदेश में लव जिहाद के मामले बढ़ते जा रहे हैं। हाल ही में भोपाल-इंदौर सहित कई शहरों में ऐसे मामले सामने आए हैं। ताज्जुब तो इस बात का है कि मुस्लिम समाज की तरफ से कभी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। हिन्द रक्षक संगठन के एकलव्य सिंह गौड़ ने शहर काजी, मदरसा बोर्ड और वक्फ बोर्ड अध्यक्ष के साथ ही सभी मस्जिदों के सदर, मौलाना एवं मौलवियों को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने उनकी चुप्पी पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि क्या ऐसे मामलों में आपकी मौन सहमति है?

पिछले दिनों हुई घटनाओं के दिए उदाहरण

पत्र में गौड़ ने लिखा है कि इन्दौर में मोहसिन, इमरान, फैजान नामक जिहादियों द्वारा शूटिंग एकेडमी की आड़ में लव जिहाद का सुनियोजित षड्यंत्र रचा गया। सैकड़ों हिन्दू बहन-बेटियों के साथ यौन उत्पीड़न, बलात्कार, धर्मांतरण, ब्लैकमेलिंग की घिनौनी एवं शर्मनाक घटना सामने आई है। इसी प्रकार उज्जैन के पास बिछड़ोद में सात जिहादी फरमान, इकरार, उजैर पठान, राजा रंगरेज, जुबेर मंसूरी, जुनेद मंसूरी एवं फैज खान ने हिन्दू महिला के साथ सामूहिक बलात्कार किया। इन्दौर में भी एक हिन्दू महिला को जिम ट्रेनर मोहम्मद मकसूद ने लव जिहाद का शिकार बनाया, जिसमें पीड़िता के पति ने आत्महत्या का प्रयास किया। भोपाल में निजी कॉलेज में भी लव जिहाद की घटना सामने आई। इसमें छह जिहादी फरहान खान, साहिल, साद, अली खान, नबील, अबरार ने भी हिन्दू बहन-बेटियों के साथ बलात्कार, ब्लैकमेलिंग एवं लव जिहाद का शिकार बनाया है।

मुस्लिम समाज की चुप्पी आश्चर्यजनक

पत्र में गौड़ ने लिखा है कि लव जिहाद की इस प्रकार की घटनाओं पर जहां एक ओर समग्र हिंदू समाज आक्रोशित है, वहीं दूसरी ओर आश्चर्यजनक रूप से मुस्लिम समाज चुप्पी साधे बैठा है। लव जिहाद की निरंतर होने वाली घटनाएं एवं उसमें मुस्लिम युवकों की 100 फीसदी भागीदारी एवं अनके अवसरों पर युवकों का यह स्वीकार करना कि वे धर्म के आधार पर हिन्दू लड़कियों को अपना शिकार बनाते हैं एवं उनका यौन उत्पीड़न कर उन्हें ब्लैकमेल करते हैं। यह एक स्थापित सत्य बन चुका है, जिसमें अब कोई संदेह नहीं है। लव जिहाद के द्वारा जहां मुस्लिम युवकों द्वारा षड्यंत्र पूर्वक हिन्दू युवतियों की इज्जत के साथ खेला जाता है। इस पर मुस्लिम समाज के धर्मगुरुओं, धार्मिक, सामाजिक, राजनैतिक नेताओं एवं मुस्लिम विद्वानों के द्वारा कभी कोई प्रतिक्रिया सुनने में नहीं आती है। एकलव्य गौड़ ने अपने पत्र में कई सवाल उठाते हुए लिखा है कि आशा है मुस्लिम समाज, बहुसंख्यक हिन्दू समाज की पीड़ा को समझेगा और हिन्दू समाज के धैर्य की परीक्षा लेना बंद करेगा।

एकलव्य गौड़ ने पत्र में उठाए ये सवाल-

-लव जिहाद के इस सुनियोजित षड्यंत्र में क्या मुस्लिम समाज की मौन सहमति है?

-दुनिया भर में घटने वाली छोटी-मोटी घटनाओं पर धरना प्रदर्शन एवं आंदोलन करने वाले मुस्लिम समाज द्वारा लव जिहाद जैसे गंभीर विषय पर कभी कोई धरना प्रदर्शन एवं आंदोलन क्यों नहीं दिखाई देता है?

-अगर इस प्रकार की घटनाओं का धर्म से कोई संबंध नहीं है तो लव जिहाद करने वाले मुस्लिम युवकों के लिए मुस्लिम समाज द्वारा कड़ी से कड़ी सजा की मांग क्यों नहीं की जाती है?

-अगर लव जिहाद करने वाले युवक भटके हुए मुसलमान हैं तो इस प्रकार की घटनाएं न हो, इसके लिए मुस्लिम युवकों को समझाने के लिए सामाजिक एवं धार्मिक नेताओं द्वारा कोई अभियान क्यों नहीं चलाया जाता है?

-मुस्लिम समाज क्या यह मानता है कि लव जिहाद की घटनाओं से उनकी छवि खराब हो रही है या मुस्लिम समाज इरादतन अपनी ऐसी ही छवि बनाना चाहता है ताकि, गैर मुस्लिम समाज में भय का वातावरण बना रहे?

-अब समय आ गया है कि, मुस्लिम समाज इन सब प्रश्नों पर गंभीरता से विचार एवं आत्ममंथन करे साथ ही हिन्दू समाज के मन में उबल रहे आक्रोश एवं ज्वलंत प्रश्नों का तुरंत एवं गंभीरता से जवाब दे।

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