अहमदाबाद। गुजरात के अहमदाबाद विमान हादसे में मृतकों की संख्या अब 270 पहुंच गई है। अधिकांश शव जल चुके हैं ऐसे में मृतकों की शिनाख्त में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। हादसे में अपनी जान गंवाने वाले लोगों की पहचान के लिए डीएनए जांच कराई जा रही है। अब तक 11 लोगों की डीएनए जांच से पहचान हो चुकी है। सरकारी डॉक्टरों ने शनिवार को मृतकों के डीएनए परिजनों से मिलान कराए जाने की जानकारी दी।
सिविल अस्पताल के अतिरिक्त चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रजनीश पटेल ने बताया कि अब तक 11 मृतकों के डीएनए नमूने मेल खा चुके हैं। मृतकों में से एक का पार्थिव शरीर परिवार को सौंप दिया गया है। उन्होंने बताया कि आज दो और शव परिजनों को सौंप दिए जाएंगे। डीएनए जांच एक धीमी प्रक्रिया है और इसे सावधानीपूर्वक किया जाना चाहिए। एक अधिकारी ने बताया कि पीड़ित परिवारों को मानसिक आघात से निपटने के लिए काउंसलिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही। अतिरिक्त मुख्य अग्निशमन अधिकारी जयेश खड़िया ने बताया कि दुर्घटना स्थल पर फोरेंसिक और विमानन विशेषज्ञों की जांच में अग्निशमन कर्मी मदद कर रहे हैं। उन्हें शुक्रवार को कैंटीन के मलबे से कुछ शरीर के अंग मिले, जबकि शनिवार सुबह एक शव मिला है।
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एक करोड़ का मुआवजा
इस भीषण हादसे पर टाटा संस के अध्यक्ष एन चंद्रशेखरन शोक जताते हुए कहा– एयर इंडिया फ्लाइट 171 से जुड़ी दुखद घटना से हम बहुत दुखी हैं। टाटा समूह इस त्रासदी में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिवारों को एक करोड़ रुपये की सहायता राशि देगा। हम घायलों के चिकित्सा व्यय को भी वहन करेंगे और सुनिश्चित करेंगे कि उन्हें सभी आवश्यक देखभाल और सहायता मिले। इसके अतिरिक्त, हम बीजे मेडिकल के छात्रावास के निर्माण में सहायता प्रदान करेंगे।


