नई दिल्ली। दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने मंगलवार को दिल्ली विधानसभा में 2025-2026 का एक लाख करोड़ रुपए का बजट पेश किया। इसमें अन्य योजनाओं के साथ ही यमुना की सफाई के लिए 500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। भाजपा ने चुनाव में जनता से यमुना को साफ करने का वादा किया था।
बजट पेश करते हुए उन्होंने कहा कि यमुना को साफ करना सरकार की पहली प्राथमिकता है। पिछली सरकारों ने बस झूठे वादे किए और यमुना को नाला बना दिया। हमारी सरकार यमुना की सफाई के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यमुना सबके लिए जीवन रेखा है। सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि यमुना में गिरने वाले नालों को टैप कर सीवेज को ट्रीट किया जाएगा। इसके लिए 40 नए सीवेज प्लांट बनेंगे। मौजूदा सीवेज प्लांट में सुधार के लिए 40 करोड़ की मॉर्डन मशीने खरीदी जाएंगी।
पिछली सरकार ने दिल्ली को खोखला किया
रेखा गुप्ता ने बजट पेश करते हुए सीएम गुप्ता ने कहा कि इस बार इन्फ्रास्ट्र्क्चर पर हमारा फोकस होगा। उन्होंने कहा कि यह बजट केवल सरकारी लेखा–जोखा नहीं है, यह दस साल से बेहाल दिल्ली का बजट है। यह बजट पिछले साल की तुलना में 31.5 फीसदी ज्यादा है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने दिल्ली को खोखला कर दिया था। एक समय था जब दिल्ली के मालिक दिल्ली को लंदन बनाना चाहते थे। दिल्ली वालों को सपना दिखाया, लेकिन उन्होंने दिल्ली को अराजक राजधानी बना दिया।
100 स्थानों पर खुलेगी अटल कैंटीन
सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि पिछली सरकार ने पीएम आवास योजना का लाभ नहीं लेने दिया। हमारी सरकार में अब लाभ मिलेगा। 20 करोड़ रुपये का आवंटिन किया है। विधायक फंड पूरा मिलेगा। कोई कटौती नहीं होगी। भोजन कागजों पर था, लेकिन हम देंगे। दिल्ली में 100 करोड़ रुपये से 100 जगहों पर अटल कैंटीन खोली जाएंगी। अटल बिहारी बाजपेयी की जन्म शताब्दी के मौके पर इसका शुभारंभ होगा।
बजट के प्रमुख प्रावधान-
-महिला समृद्धि योजना के लिए 5100 करोड़ आवंटित।
–500 करोड़ रुपये से सीवेज सिस्टम को सुधारा जाएगा।
-अटल कैंटीन के लिए 100 करोड़ का प्रावधान।
-दिल्ली के लोगों को अब 10 लाख रुपये का बीमा मिलेगा।
-महिलाओं को 2500 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे।
–गर्भवती महिलाओं के लिए 210 करोड़ रुपए का प्रावधान।
-झुग्गी–झोपड़ियों के लिए 696 करोड़ आवंटित।
-दिल्ली में 50 हजार अतिरिक्त कैमरे लगेंगे।
-जलापूर्ति और स्वच्छता के लिए 9000 करोड़।
-प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए 20 करोड़।
–जलापूर्ति के लिए 50 करोड़ रुपए का प्रावधान।




