
अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की, सीमा बाड़बंदी और ILP सिस्टम को मजबूत करने पर जोर
अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) केटी परनाइक ने राज्य की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने सीमा पर बाड़बंदी और इनर लाइन परमिट (ILP) सिस्टम को और अधिक सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि अरुणाचल की संवेदनशील भौगोलिक स्थिति को देखते हुए ये कदम रणनीतिक, सुरक्षा और सामाजिक-आर्थिक दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण हैं।
सीमा बाड़बंदी से सुरक्षा को मिलेगा बल
राज्यपाल परनाइक ने स्पष्ट किया कि मजबूत सीमा बाड़बंदी से:
- घुसपैठ,
- हथियारों की तस्करी,
- नशे के कारोबार,
- और उग्रवादियों की आवाजाही पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि इससे सीमा को स्पष्ट रूप से चिन्हित करने में मदद मिलेगी, जिससे सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा और स्थिरता बढ़ेगी और विकास के नए रास्ते खुलेंगे।
ILP सिस्टम को सुदृढ़ करने की आवश्यकता
राज्यपाल ने इनर लाइन परमिट (ILP) प्रणाली को और अधिक कड़ा करने की भी सिफारिश की। उन्होंने कहा:
- यह प्रणाली राज्य के मूल निवासियों के अधिकारों और संस्कृति की रक्षा करती है।
- ILP के जरिए बाहरी लोगों की एंट्री नियंत्रित होती है, जिससे जनसंख्या संतुलन बना रहता है और आंतरिक सुरक्षा सशक्त होती है।
- ILP से बाहरी लोगों की निगरानी और ट्रैकिंग आसान होती है, जिससे कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहायता मिलती है।
आंतरिक सुरक्षा और समर्पण नीति की भी समीक्षा
राजभवन में आयोजित इस बैठक में राज्यपाल ने राज्य की समर्पण नीति (Surrender Policy) और आंतरिक सुरक्षा की वर्तमान स्थिति की भी समीक्षा की। इस बैठक में प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे:
- गृह मंत्री मामा नाटुंग
- अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक विवेक किशोर
- पुलिस महानिरीक्षक (कानून एवं व्यवस्था) चुकू आपा
इन अधिकारियों ने राज्यपाल को भारत-म्यांमार सीमा पर चल रही बाड़बंदी, ILP व्यवस्था, और अन्य सुरक्षा मामलों की प्रगति की विस्तृत जानकारी दी।



