बंटी नागर की खुदकुशी मामले में कारोबारियों के नाम सामने आने से पुलिस जांच में तेजी आई है। इस मामले की तहकीकात में अब तक कई अहम तथ्य उजागर हुए हैं जो इस घटना की पूरी कहानी को समझने में मदद कर रहे हैं।
बंटी नागर की खुदकुशी का घटनाक्रम
बंटी नागर की खुदकुशी मामले में पता चला कि 27 सितंबर 2026 को इंदौर के पलासिया थाना क्षेत्र के साकेत नगर में उनके ऑफिस में उन्होंने फांसी लगाकर जीवन समाप्त कर लिया। उनके बेटे ऋषित ने शाम तक पिता से संपर्क न होने पर ऑफिस जाकर शव की खोज की।
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हालांकि, मौके पर कोई सुसाइड नोट नहीं मिला, जिससे मौत की वजह अभी भी गुत्थी बनी हुई है। पुलिस जांच में यह तथ्य मामले की गंभीरता को दर्शाते हैं।

व्यापारिक साझेदारों और फाइनेंसरों के नाम सामने आए
जांच में कारोबारियों के नाम भी सामने आए हैं। बंटी नागर के कई प्रोजेक्ट्स में स्थानीय सांसद शंकर लालवानी के भाई राजू लालवानी और रितेश लुंकड़ उनके पार्टनर थे। इसके अलावा, भूमाफिया चंपू अजमेरा की पत्नी योगिता अजमेरा और सीमा अग्रवाल के साथ भी करोड़ों रुपये के आर्थिक लेनदेन का पता चला है।
पुलिस ने इन लोगों से पूछताछ के लिए नोटिस जारी किए हैं और बैंक रिकॉर्ड्स की जांच कर रही है ताकि आर्थिक पक्ष की पूरी जानकारी मिल सके।
पुलिस ने की डिजिटल साक्ष्यों की जांच
पुलिस ने बंटी नागर के दो मोबाइल फोन जब्त कर कॉल डिटेल्स, वॉट्सऐप चैट और अंतिम कॉल्स की जांच शुरू कर दी है। इसका मकसद ब्लैकमेलिंग या किसी दबाव के पहलू को समझना है।
डिजिटल जांच से जांच एजेंसियां मामले के गहरे राज़ उजागर कर सकती हैं, जो अभी तक छिपे हुए थे।

आर्थिक लेनदेन की पड़ताल में मिली बड़ी जानकारी
पुलिस को मिले आर्थिक दस्तावेजों से स्पष्ट हुआ है कि बंटी नागर के कारोबार में कई उच्चस्तरीय साझेदार जुड़े थे। इस आर्थिक नेटवर्क की पड़ताल से पता चला कि कुछ प्रोजेक्ट्स में वित्तीय अड़चनें थीं, जिनका कारोबार पर गहरा प्रभाव था।
जांच एजेंसियां इस पहलू की विस्तार से पड़ताल कर रही हैं ताकि किसी वित्तीय दबाव को उजागर किया जा सके।
अटकाव वाले प्रोजेक्ट और संभावित वित्तीय नुकसान
बाल्याखेड़ी में लगभग 15 एकड़ के प्रोजेक्ट को अनुमति न मिलने के कारण अटकाव हुआ था। यह प्रोजेक्ट स्थानीय सांसद के परिवार के साथ साझेदारी में था।
इस अटकाव की वजह से वित्तीय नुकसान और तनाव की स्थिति बनी, जो बंटी नागर की मानसिक स्थिति पर भी असर डाल सकती है। यह कारक जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
जांच के अगले कदम और मामले की गंभीरता
पुलिस ने मामले में करीब 5 कर्मचारियों से पूछताछ की है और अब व्यावसायिक साझेदारों व फाइनेंसरों से भी विस्तृत जांच की तैयारी कर रही है।
जांच का दायरा बढ़ने से उम्मीद है कि जल्द ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी और न्याय प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।



