प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को 20 केंद्रीय राज्य मंत्रियों के साथ एक विस्तृत बैठक की, जिसमें युवाओं के सुझाव पर विशेष जोर दिया गया। इस बैठक का उद्देश्य आने वाले समय के लिए योजनाओं का आकलन करना और युवाओं के दृष्टिकोण को शामिल करना था।
युवाओं के सुझाव पर प्रधानमंत्री का जोर
प्रधानमंत्री ने मंत्रियों से आग्रह किया कि वे युवाओं के सुझावों को अपनी योजनाओं में शामिल करें। उन्होंने कहा कि युवाओं की भागीदारी से ही 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य पूरा किया जा सकता है। इस दौरान उन्होंने मंत्रियों से उनके मंत्रालयों की उपलब्धियों और उनके व्यक्तिगत योगदान पर भी चर्चा की।
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सोशल मीडिया पर मंत्रियों की सक्रियता
प्रधानमंत्री ने मंत्रियों की सोशल मीडिया उपस्थिति का भी मूल्यांकन किया। उन्होंने पूछा कि कैसे वे सोशल मीडिया के माध्यम से सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को जनता तक पहुंचा रहे हैं। इसके साथ ही, मंत्रियों से उनके सोशल मीडिया फॉलोअर्स और डिजिटल एंगेजमेंट के बारे में भी जानकारी ली गई।
विकसित भारत 2047 के लक्ष्य पर चर्चा
बैठक में विकसित भारत 2047 के लक्ष्य पर विशेष चर्चा की गई। प्रधानमंत्री ने मंत्रियों से पूछा कि वे इस लक्ष्य को प्राप्त करने में अपने मंत्रालय की भूमिका को कैसे देखते हैं। मंत्रियों को इस दिशा में अपने विजन और एक्शन प्लान साझा करने के लिए कहा गया।
सामाजिक न्याय और कमजोर वर्गों पर ध्यान
सामाजिक न्याय और कमजोर वर्गों से जुड़े मुद्दों पर भी बैठक में जोर दिया गया। प्रधानमंत्री ने पूछा कि दलितों, पिछड़े वर्गों और आदिवासी समुदाय के लिए उनके मंत्रालय ने कौन-कौन से विशेष कदम उठाए हैं। शिक्षा और युवा कल्याण जैसे विषय भी चर्चा का केंद्र बने।
कैबिनेट फेरबदल की अटकलें
इस बैठक को संभावित कैबिनेट फेरबदल की चर्चाओं के बीच काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, बैठक के आधार पर किसी मंत्री के बदलाव या पद को लेकर कोई आधिकारिक फैसला सामने नहीं आया है।
आगे की दिशा
बैठक के बाद मंत्रियों को निर्देश दिया गया कि वे अपने मंत्रालयों की योजनाओं का आकलन करें और युवाओं के सुझावों को अधिक प्रभावी तरीके से लागू करें। इससे सरकार की योजनाओं का वास्तविक लाभ जनता तक पहुंच सकेगा।



