कोलकाता लॉ कॉलेज सामूहिक दुष्कर्म मामला: TMC नेताओं के विवादित बयानों से बढ़ा सियासी बवाल
कोलकाता के साउथ कलकत्ता लॉ कॉलेज में एक छात्रा से कथित सामूहिक दुष्कर्म के मामले ने जहां पूरे राज्य को झकझोर दिया है, वहीं इस पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेताओं के विवादित और संवेदनहीन बयानों ने राजनीतिक तनाव को और भड़का दिया है। विपक्षी भाजपा इस मुद्दे पर सत्ताधारी पार्टी को घेरने में जुटी है, जबकि TMC नेताओं के बयान पार्टी की मुश्किलें और बढ़ा रहे हैं।
👉 यह भी पढ़ें:
- उन्नाव रेप केस के आरोपी कुलदीप सेंगर की बेटी ने लिखी अमित शाह को चिट्ठी, पीड़िता और उसके परिवार की मांगी सुरक्षा
- रायसेन में बच्ची से रेप के आरोपी सलमान को पुलिस ने किया गिरफ्तार, भागने की कोशिश में पैर में लगी गोली, अस्पताल में चल रहा इलाज
- दुर्गापुर में एमबीबीएस स्टूडेंट से गैंगरेप के मामले में तीन आरोपी गिरफ्तार, देर रात बंगाल पुलिस का एक्शन
- बंगाल में टीएमसी नेता अब्दुर रहीम बक्शी के बिगड़े बोल, कहा-भाजपा विधायक के गले में तेजाब डाल दूंगा
- पूर्व प्रधानमंत्री देवगौड़ा के पोते प्रज्वल रेवन्ना रेप केस में दोषी करार, जेडीएस ने पहले ही कर दिया था निष्कासित
- आईआईएम कोलकाता रेप केस में नया मोड़, पिता ने किया दुष्कर्म से इनकार, कहा-ऑटो से गिर गई थी बेटी

मदन मित्रा का विवादित बयान:
TMC विधायक मदन मित्रा ने इस गंभीर मामले में संवेदनहीन टिप्पणी करते हुए कहा कि छात्रा को घटनास्थल पर जाना ही नहीं चाहिए था। उन्होंने आरोपियों के बजाय पीड़िता पर सवाल खड़े करते हुए कहा, “यदि वह घटनास्थल पर नहीं जाती तो यह घटना नहीं होती। अगर उसने किसी को बताया होता या अपने साथ कुछ दोस्तों को ले जाती, तो शायद यह हादसा टल सकता था।”
मदन मित्रा के इस बयान पर तीखी आलोचना हो रही है। भाजपा ने इसे महिला विरोधी बताते हुए TMC पर जमकर हमला बोला है। आलोचना के बाद मित्रा ने सफाई दी कि उनके बयान को गलत संदर्भ में लिया गया है और उनका आशय कुछ और था।
कल्याण बनर्जी की टिप्पणी पर भी विवाद:
TMC सांसद कल्याण बनर्जी ने भी मामले में विवादित बयान देते हुए कहा, “अगर कोई दोस्त अपने दोस्त के साथ दुष्कर्म करता है तो क्या किया जा सकता है? क्या स्कूलों में पुलिस तैनात होगी? यह छात्रों द्वारा ही किया गया है।”
उन्होंने आगे कहा कि जब तक पुरुषों की मानसिकता नहीं बदलती, इस तरह की घटनाएं होती रहेंगी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि जिसने भी अपराध किया है, उसे तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए। लेकिन मुख्य आरोपी के TMC से संबंधों पर टिप्पणी करने से उन्होंने इनकार कर दिया।
इन बयानों के बाद पूरे राज्य में आक्रोश है। विपक्ष ने आरोप लगाया है कि TMC नेताओं की ऐसी टिप्पणियां न केवल पीड़िता के साथ अन्याय हैं, बल्कि अपराधियों को भी परोक्ष रूप से बचाने का प्रयास हैं। अब यह मामला कानून से ज़्यादा सियासत का विषय बन गया है, जहां पीड़िता की न्याय की मांग के बीच बयानबाज़ी और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज़ हो गए हैं।



