Ready to play
👉 यह भी पढ़ें:
- Gold Price Prediction 2026: क्या ₹4 लाख प्रति 10 ग्राम तक पहुंचेगा सोना? World Gold Council की रिपोर्ट ने बढ़ाई हलचल!
- PM Modi का बड़ा ऐलान! भारत-न्यूजीलैंड बने Strategic Partners, FTA, Direct Flights और ₹35,000 करोड़ व्यापार लक्ष्य पर ऐतिहासिक समझौता
- Big Bash League India: इतिहास रचने जा रही BBL! चेन्नई में होगा पहला विदेशी क्रिकेट लीग मैच, PM Modi और Anthony Albanese का बड़ा ऐलान
- IND vs ENG 3rd T20I: इंग्लैंड ने भारत को 125 रन से रौंदा, कप्तान श्रेयस अय्यर बोले— ‘ऐसा प्रदर्शन बिल्कुल स्वीकार्य नहीं’
- Zimbabwe T20 Series के लिए टीम इंडिया से बाहर हुए संजू सैमसन बाहर, मयंक यादव और रिंकू सिंह की वापसी
- Bangladesh-China Deal: मोंगला पोर्ट चीन को सौंपने से बढ़ी भारत की चिंता, क्या ‘String of Pearls’ रणनीति से होगा घेराव?
भारत के पास 34,600 टन सोना, मूल्य 3,785 अरब डॉलर; वैश्विक मांग में 26% हिस्सेदारी
भारत के पास जून 2025 तक कुल 34,600 टन सोना था, जिसका मूल्य वर्तमान भाव 4056 डॉलर प्रति औंस पर करीब 3,785 अरब डॉलर आंका गया है।

मॉर्गन स्टेनली की रिपोर्ट के अनुसार, यह सोना भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का लगभग 88.8 प्रतिशत है।
वर्तमान बाजार मूल्य के हिसाब से यह भारतीय परिवारों की इक्विटी स्टॉक होल्डिंग (1,185 अरब डॉलर) का लगभग 3.1 गुना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत दुनिया के सबसे बड़े सोना बाजारों में से एक है। इसके पीछे सांस्कृतिक लगाव, निवेश की मांग और आर्थिक कारण प्रमुख हैं। सोना भारतीय परिवारों के लिए मूल्य के भंडार, महंगाई से बचाव और सुरक्षित निवेश का माध्यम माना जाता है।
भारत में आभूषणों की हिस्सेदारी कुल मांग का लगभग दो-तिहाई है, जबकि छड़ों और सिक्कों (खुदरा निवेश) का हिस्सा पांच वर्षों में 23.9% से बढ़कर 32% हो गया है।
हालांकि, घरेलू सोने की कीमतों में उछाल के कारण मूल्य के लिहाज से सोने की खपत जून 2025 तक 68 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई, जो कि जून 2023 में 44 अरब डॉलर थी।
मॉर्गन स्टेनली के मुताबिक, घरेलू वित्तीय बचत में जमा की हिस्सेदारी 2024–25 में 35 प्रतिशत तक घट गई, जो 2023–24 में 40 प्रतिशत और महामारी से पहले 46 प्रतिशत थी। वहीं, इक्विटी निवेश इसी दौरान 15.1 प्रतिशत के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया — जो 2023–24 में 8.7% और महामारी से पहले करीब 4% था।



