पश्चिम बंगाल में एसटीएफ ने मुरारई में 1150 जिलेटिन स्टिक और 989 डेटोनेटर जब्त किए हैं। यह कार्रवाई बीरभूम जिले के मुरारई थाना क्षेत्र के बारोआ गोपालपुर गांव में 5 नवंबर 2026 की तड़के की गई थी। इस छापेमारी के दौरान विस्फोटकों की भारी मात्रा मिली है, जो राज्य में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा रही है।
मुरारई में जब्त विस्फोटकों की विस्तृत जानकारी
एसटीएफ ने मुरारई इलाके में की गई कार्रवाई में कुल 1150 जिलेटिन स्टिक, 989 डेटोनेटर और लगभग 12,000 मीटर डेटोनेटिंग कॉर्ड बरामद किया। ये विस्फोटक एक अवैध ठिकाने पर छुपाए गए थे। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
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गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहम्मद रेजा शेख उर्फ गुड़ा (राजग्राम निवासी) और मुकेश सिंह (तिलपाड़ा, सूरी निवासी) के रूप में हुई है। दोनों से पूछताछ जारी है ताकि विस्फोटकों के इस्तेमाल की मंशा स्पष्ट हो सके।

एसटीएफ और एटीएस की संयुक्त जांच जारी
पुलिस ने कहा है कि इस मामले की जांच एसटीएफ के साथ-साथ एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) भी कर रही है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि ये विस्फोटक किसी आतंकवादी गतिविधि में उपयोग किए जाने वाले थे या नहीं।
इसके अलावा, जांच में इस नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों और ठिकानों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। इससे राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।
अवैध हथियारों के खिलाफ समानांतर कार्रवाई
इस अभियान के तहत एसटीएफ ने आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के जामुड़िया और पांडवेश्वर क्षेत्रों में भी छापेमारी की। यहां से कुल 21 अवैध हथियार और 65 कारतूस जब्त किए गए।
बरामद हथियारों में छह लंबी मस्कट बंदूकें, चार 7 एमएम पिस्तौल और 11 पाइप गन शामिल हैं। आरोपी का अवैध कोयला कारोबार से भी संबंध बताया गया है। इस मामले में भी जांच जारी है।
पिछली कार्रवाइयों में भी हथियार बरामद
एसटीएफ ने बताया कि इससे पहले भी इसी मामले में दो गिरफ्तारियां हुई थीं। खैरुल आलम से दो अवैध हथियार और मोहम्मद शमशेर से 15 अवैध हथियार जब्त किए गए थे।
अब तक कुल 38 अवैध हथियार और 122 कारतूस बरामद किए जा चुके हैं। इन सभी मामलों की जांच जारी है ताकि अवैध हथियार और विस्फोटकों के पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
विस्फोटकों की जब्ती का आम आदमी पर प्रभाव
इस बड़ी कार्रवाई से आम जनता को सुरक्षा की भावना मिलेगी। साथ ही, अवैध हथियार और विस्फोटक जब्त होने से अपराध और आतंकवादी गतिविधियों पर नियंत्रण पाने की उम्मीद बढ़ेगी।
हालांकि, पुलिस को अभी यह सुनिश्चित करना होगा कि इन विस्फोटकों का उपयोग किस उद्देश्य से किया जाना था। इस जांच का परिणाम सुरक्षा नीतियों को और प्रभावी बना सकता है।
आगे की जांच और संभावित कार्रवाई
एसटीएफ और एटीएस की टीम दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही हैं। वे विस्फोटकों के स्रोत और वितरण नेटवर्क की खोज में जुटे हैं।
जांच के अगले चरण में, संदिग्ध सहयोगियों और अन्य ठिकानों पर भी छापेमारी की संभावना है। इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू हो चुकी है।



