सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि चुनावी माध्यम चाहे ईवीएम हो या बैलेट पेपर, हर बार कांग्रेस हारी है। यह बात उन्होंने 28 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में भाजपा मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही। त्रिवेदी ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा राजनीतिक हमला किया और विधान परिषद चुनावों के नतीजों का हवाला दिया।
बैलेट पेपर वाले चुनावों में भी कांग्रेस की हार
सुधांशु त्रिवेदी ने 4 राज्यों—उत्तर प्रदेश, बिहार, कर्नाटक और महाराष्ट्र—में हुए विधान परिषद के 28 सीटों के चुनावों का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि ये चुनाव बैलेट पेपर और बैलेट बॉक्स के जरिए कराए गए थे। इसके बावजूद कांग्रेस अपनी छवि बनाने में पूरी तरह विफल रही। त्रिवेदी ने कहा, “चाहे चुनाव ईवीएम से हों या बैलेट पेपर से, कांग्रेस को जनता ने हर बार अस्वीकार किया है।”
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कर्नाटक विधान परिषद चुनाव में कांग्रेस की करारी हार
कर्नाटक के चार विधान परिषद सीटों के लिए हुए बैलेट पेपर चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने सभी चार सीटें जीत लीं। इस हार को लेकर त्रिवेदी ने कांग्रेस पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने न केवल सीटें गंवाईं, बल्कि अपने अस्तित्व को भी साबित करने में नाकामी पाई। भाजपा ने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार पर भी तंज कसते हुए सोशल मीडिया पर NDA की जीत का जश्न मनाया।
वोट चोरी और ईवीएम गड़बड़ी के आरोपों का भाजपा का जवाब
राहुल गांधी और कांग्रेस द्वारा चुनावों में वोट चोरी और ईवीएम में गड़बड़ी के आरोप लगाये जाने पर सुधांशु त्रिवेदी ने उन्हें खारिज किया। उन्होंने कहा कि बैलेट पेपर से हुए चुनावों में भी कांग्रेस की हार साफ दिखाती है कि इन आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है। त्रिवेदी ने कहा कि असली समस्या कांग्रेस के नेतृत्व और नीतियों में है, न कि चुनावी प्रक्रिया में।

राहुल गांधी के आंदोलन की रणनीति पर भाजपा की टिप्पणी
सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी के आगामी आंदोलन और रैली की रणनीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के मौज-मस्ती और सैर-सपाटे के बाद अब एक ऐसा आंदोलन शुरू करने की बात हो रही है जो देश की अर्थव्यवस्था के लिए हानिकारक हो सकता है। त्रिवेदी ने कहा कि जनता और विधायक राहुल गांधी का समर्थन नहीं करते हैं।
चुनावी हार को लेकर कांग्रेस के लिए भाजपा का संदेश
त्रिवेदी ने कांग्रेस को सलाह दी कि उसे कड़ी मेहनत करनी होगी और सैर-सपाटे की आदत छोड़नी होगी। उन्होंने कहा कि तभी कांग्रेस को जनता का समर्थन मिलेगा और वोट चोरी के आरोप अपने आप खत्म हो जाएंगे। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और अमित शाह सक्रिय दौरे कर रहे हैं, जबकि कांग्रेस नेतृत्व में सक्रियता की कमी साफ नजर आ रही है।



