बीजेपी प्रवक्ता द्वारा राहुल गांधी पर विदेशी ताकतों से जुड़ाव का आरोप 21-22 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली और भुवनेश्वर में लगाए गए। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया और डॉ. संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह गंभीर आरोप सार्वजनिक किए।
राहुल गांधी और सोनिया गांधी की प्रोग्रेसिव इंटरनेशनल से मुलाकात
बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया ने दावा किया कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 10 जनपथ पर ‘प्रोग्रेसिव इंटरनेशनल’ नामक अंतरराष्ट्रीय संगठन के प्रतिनिधियों से मुलाकात की थी। यह मुलाकात अप्रैल 2025 में हुई थी। भाजपा का कहना है कि इस बैठक में भारत में अराजकता फैलाने और सत्ता परिवर्तन की रणनीति पर चर्चा हुई।
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गौरतलब है कि प्रोग्रेसिव इंटरनेशनल एक वैश्विक संगठन है जो विभिन्न देशों में विरोध प्रदर्शनों और आंदोलनों का समर्थन करता है, जिसकी वजह से बीजेपी इसे भारत विरोधी ताकतों से जोड़ती है।

विदेशी ताकतों से जुड़े होने का आरोप और राजनीतिक नतीजे
डॉ. संबित पात्रा ने राहुल गांधी के हालिया विदेशी दौरे को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का वियतनाम दौरा भारत में लोकतांत्रिक सरकार को अस्थिर करने और ‘रिजीम चेंज’ यानी सत्ता परिवर्तन की रणनीति सीखने के लिए था।
इसके अलावा, बीजेपी ने अमेरिकी अरबपति जॉर्ज सोरोस और उनके ‘ओपन सोसाइटी फाउंडेशन’ से राहुल गांधी के कथित संबंधों का भी उल्लेख किया। पार्टी का आरोप है कि राहुल गांधी ने सोरोस के नेटवर्क के जरिए टूलकिट का इस्तेमाल करके भारत में राजनीतिक अस्थिरता फैलाने की कोशिश की।
संसदीय प्रोटोकॉल उल्लंघन और सुरक्षा एजेंसियों की अनदेखी
बीजेपी ने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने अपने विदेशी दौरों के दौरान सुरक्षा एजेंसियों और येलो बुक प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया। पार्टी का कहना है कि उन्होंने विदेशी हस्तियों से संपर्क किया, जो सुरक्षा नियमों के खिलाफ है।
इस प्रोटोकॉल का उद्देश्य VIP सुरक्षा को सुनिश्चित करना है ताकि किसी भी तरह का खतरा टाला जा सके। भाजपा का आरोप है कि राहुल गांधी ने इसे नजरअंदाज किया है, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से सवाल खड़े होते हैं।
बांग्लादेश आंदोलन और अंतरराष्ट्रीय आंदोलनों का हवाला देकर भारत में अराजकता फैलाने का प्रयास
बीजेपी प्रवक्ताओं ने यह भी कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी बांग्लादेश के विरोध प्रदर्शनों और अन्य अंतरराष्ट्रीय आंदोलनों का उदाहरण देकर भारत में अराजकता फैलाने का प्रयास कर रहे हैं।
पार्टी का आरोप है कि कांग्रेस इन आंदोलनों के जरिए सड़कों पर हिंसा और अस्थिरता फैलाना चाहती है, ताकि देश में सत्ता परिवर्तन की साजिश को अंजाम दिया जा सके। यह आरोप खासकर आगामी चुनावों की पृष्ठभूमि में राजनीतिक माहौल को प्रभावित कर सकता है।
कांग्रेस का आरोपों का खंडन और राजनीतिक प्रतिक्रिया
कांग्रेस पार्टी ने बीजेपी के इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। पार्टी का कहना है कि यह केवल भाजपा की चुनावी रणनीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य उनके प्रदर्शन और राजनीतिक दौरों से ध्यान हटाना है।
कांग्रेस ने विपक्षी नेता राहुल गांधी पर लगे विदेशी ताकतों से जुड़े होने के आरोपों को निराधार बताया और इसे लोकतंत्र के खिलाफ एक राजनीतिक षड्यंत्र करार दिया।



