पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए भारत भेजी गई हेरोइन व 2000 के नकली नोट पकड़े जाने की घटना ने पंजाब के अमृतसर-अटारी सीमा क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। सीमा सुरक्षा बल (BSF) और पंजाब पुलिस के संयुक्त अभियान में ड्रोन से गिराई गई लगभग 1.5 किलोग्राम हेरोइन और ₹2,000 व ₹500 के जाली नोट बरामद किए गए।
ड्रोन के जरिए सीमा पार से हेरोइन और नकली नोटों की खेप आई
पंजाब के अमृतसर के खालड़ा और काहनगढ़ बॉर्डर इलाकों में बीएसएफ को पाकिस्तान की ओर से ड्रोन के जरिए हेरोइन तथा नकली भारतीय मुद्रा भेजे जाने की सूचना मिली। इसके बाद सुरक्षा बलों ने मौके पर तलाशी अभियान चलाकर ड्रोन से गिराए गए पैकेट बरामद किए। जांच में पाया गया कि ये पैकेट लगभग 1.5 किलोग्राम हेरोइन और ₹2,000-₹500 के नकली नोटों से भरे थे।

सुरक्षा बलों ने नकली नोटों के साथ हेरोइन बरामद की
बारामद नकली नोटों की कुल राशि ₹2.5 लाख से ₹4 लाख के बीच बताई जा रही है। नकली नोटों के साथ पकड़ी गई हेरोइन की मात्रा से यह साफ होता है कि ड्रोन के जरिए तस्करी का नेटवर्क काफी संगठित है। बीएसएफ और पंजाब पुलिस ने संयुक्त रूप से इस मामले में तलाशी अभियान तेज कर दिया है।
पुलिस ने दर्ज की एनडीपीएस एक्ट के तहत प्राथमिकी
खेमकरण थाना के एसआई जयपाल सिंह के अनुसार, ड्रोन से मिली सूचना के बाद कार्रवाई की गई। बरामद हेरोइन और नकली नोटों को जब्त कर पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत केस नंबर 95 दर्ज कर लिया है। साथ ही धाराएं 21-सी, 178, 179, 180, 25, 26, 29 भी लगाई गई हैं। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि ड्रोन के जरिए यह खेप किसने भेजी और इसे लेने की जिम्मेदारी किसे दी गई थी।

सीमा सुरक्षा में ड्रोन की भूमिका और चुनौतियां
ड्रोन के जरिए नशीले पदार्थों और नकली नोटों की तस्करी सीमा सुरक्षा के लिए नया खतरा बन गई है। सीमा सुरक्षा बल को अब ड्रोन मूवमेंट पर कड़ी नजर रखनी पड़ रही है। पंजाब बॉर्डर के अमृतसर-अटारी क्षेत्र में यह घटना इस बात का सबूत है कि तस्कर नई तकनीक का इस्तेमाल कर सीमाओं को पार करने की कोशिश कर रहे हैं।
आम जनता पर नशे और नकली मुद्रा का असर
नशे की दवाओं का बढ़ता सेवन समाज में अपराध और स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ाता है। वहीं नकली मुद्रा से बाजार में आर्थिक अस्थिरता बढ़ती है। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियों की इस तरह की सफलता से आम जनता को तस्करों से राहत मिलती है। परंतु यह चुनौती बनी रहेगी कि ड्रोन तस्करी को पूरी तरह से कैसे रोका जाए।
आगे की जांच और सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता
सुरक्षा बल अब ड्रोन तस्करी के स्रोत और नेटवर्क का पता लगाने में जुटे हैं। इसके साथ ही सीमा पर ड्रोन मूवमेंट की मॉनिटरिंग भी बढ़ा दी गई है। इस घटना के बाद पंजाब में ड्रोन के जरिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होने वाली तस्करी पर कड़ी नज़र रखी जाएगी।



