असम मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने 12 अक्टूबर 2026 को कांग्रेस शासित तीन राज्यों को इस्तीफा देने और फिर बैलेट पेपर से चुनाव कराने की चुनौती दी। इस बयान में उन्होंने कांग्रेस पर ईवीएम प्रणाली और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल पर सवाल उठाने का आरोप लगाया।
हिमंत सरमा ने कांग्रेस शासित राज्यों को इस्तीफा देने की मांग की
गुवाहाटी में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में हिमंत बिस्व सरमा ने केरल, कर्नाटक, तेलंगाना, झारखंड और तमिलनाडु में कांग्रेस या उसके गठबंधन की सरकारों से कहा कि वे अपने पद से इस्तीफा दें। उन्होंने कहा कि ये सरकारें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में वोट चोरी के जरिए बनी हैं। इसलिए, यदि वे सचमुच ईवीएम पर भरोसा नहीं करतीं, तो इस्तीफा देकर बैलेट पेपर से चुनाव लड़ें।
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बैलेट पेपर से चुनाव लड़ने की हिमंत सरमा की शर्त
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि ये राज्य सरकारें इस्तीफा दे देती हैं और बैलेट पेपर से चुनाव कराती हैं, तो वे खुद भी आगामी सभी चुनाव इसी माध्यम से लड़ने को तैयार हैं। उन्होंने इसे लोकतंत्र की परीक्षा बताया, जहां चुनाव प्रक्रिया पर जनता का विश्वास जरूरी है। इस बयान के पीछे कांग्रेस पर चुनाव प्रक्रिया को लेकर अविश्वास जताने का तंज भी था।
कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना
सरमा ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ ‘‘वोट चोरी’’ के आरोप लगाकर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन जनसमर्थन से रहित है और इसमें कुछ ‘‘दिमागी नक्सली’’ शामिल हैं जो देश की प्रगति नहीं चाहते।
सिलचर नगर निगम चुनाव में बैलेट पेपर से भाजपा की बड़ी जीत
असम के सिलचर नगर निगम चुनाव का उदाहरण देते हुए सरमा ने कहा कि यहां बैलेट पेपर से हुए चुनाव में भाजपा-एनडीए ने 42 वार्डों में से 34 सीटें हासिल कीं। जबकि कांग्रेस को केवल 2 सीटें मिलीं। यह आंकड़ा कांग्रेस की बैलेट पेपर से चुनाव लड़ने की आलोचना को कमजोर करता है।
वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का समर्थन
मुख्यमंत्री ने देश में बड़े पैमाने पर अवैध घुसपैठ की समस्या का हवाला देते हुए वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि SIR से ही डेमोग्राफिक बदलावों को रोका जा सकता है और हर पांच साल में यह प्रक्रिया होनी चाहिए, तभी भारतीय लोकतंत्र मजबूत रहेगा।



