मैहर में मां शारदा के दर्शन के लिए नवरात्रि के पहले दिन श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। शारदीय नवरात्रि के शुभारंभ के साथ ही 11 अक्टूबर 2026 को त्रिकूट पर्वत पर स्थित मां शारदा मंदिर में भक्तों ने सुबह से ही दर्शन के लिए कतारें लगाईं। इस अवसर पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए हैं।
मां शारदा मंदिर में नवरात्रि के पहले दिन पूजन और दर्शन
नवरात्रि के प्रथम दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। मंदिर के कपाट सुबह 3 बजे खोल दिए गए जिसके बाद श्रद्धालुओं ने मां शारदा के दर्शन किए। इस बार भी भक्तों ने 1,038 सीढ़ियां चढ़कर त्रिकूट पर्वत पर स्थित मंदिर तक पहुंचकर पूजा की।
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मुख्य आरती और विशेष पूजा के दौरान मंदिर परिसर जयकारों से गूंज उठा। भक्तजन पूरे दिन माता के भजनों और आरती में मग्न रहे।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए प्रशासनिक कदम
मेला क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। इस दौरान 650 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं जो मंदिर के रास्तों और मेला परिसर में चौकसी बरत रहे हैं। सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं।
इसके अलावा, आपातकालीन सहायता केंद्र स्थापित किए गए हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना पर तुरंत प्रतिक्रिया दी जा सके। प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा के लिए स्वास्थ्य एवं पेयजल स्टॉल भी लगाए हैं।
मांस-मछली की बिक्री पर प्रतिबंध से धार्मिक पवित्रता बनी रहेगी
मैहर नगर पालिका क्षेत्र में नवरात्रि मेले के दौरान मांस, मछली और अंडे की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। यह कदम धार्मिक पवित्रता और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक माना गया है।
प्रशासन ने उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया है ताकि श्रद्धालु अनुकूल वातावरण में माता के दर्शन कर सकें।

मां शारदा मंदिर का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व
मैहर का मां शारदा मंदिर 51 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है। पौराणिक कथा के अनुसार देवी सती का हार त्रिकूट पर्वत पर गिरा था, जिससे इस स्थान का नाम “माई का हार” पड़ा।
स्थानीय लोकगाथाओं में वीर आल्हा और ऊदल की मां शारदा के प्रति गहरी भक्ति का वर्णन मिलता है। यह मंदिर आस्था का केंद्र है जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु नवरात्रि के दौरान आते हैं।
श्रद्धालुओं के लिए आसान पहुंच और यात्रा के इंतजाम
मंदिर तक पहुंचने के लिए श्रद्धालु पारंपरिक 1,038 सीढ़ियां चढ़ सकते हैं या रोपवे सेवा का इस्तेमाल कर सकते हैं। प्रशासन ने बुजुर्ग, बच्चे और दिव्यांगजन यात्रियों के लिए विशेष सुविधाएं भी उपलब्ध कराई हैं।
भीड़ को देखते हुए भक्तों को सुबह जल्दी दर्शन करने और यात्रा की योजना पहले से बनाने की सलाह दी गई है।
भव्य नवरात्रि मेला और आने वाले दिनों की तैयारियां
नवरात्रि के दौरान मैहर में लगभग 10 से 12 लाख श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। प्रशासन ने मेले के दौरान शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए व्यापक प्रबंध किए हैं।
भविष्य के दिन भी मां शारदा के सोलह श्रृंगार, आरती और पूजा अनुष्ठान विधिपूर्वक आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान मेले का रंग-रूप और भी भव्य होगा।



