फ्लाईदुबई के को-पायलट का बड़ा खुलासा सामने आया है, जिसमें उसने बताया कि उसने विमान पर हमला गाजा संघर्ष के बदले के लिए किया था। इस हमले का मकसद शहीद होकर मरने का था। यह खुलासा संयुक्त अरब अमीरात और इजरायली जांच एजेंसियों की जांच के दौरान हुआ।
को-पायलट हमाम अल-हमामी की पहचान और घटना का समय
घटना 30 सितंबर 2026 को हुई थी, जब फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 दुबई से तेल अवीव जा रही थी। हमले का आरोपी को-पायलट हमाम अल-हमामी ओमान का 29 वर्षीय नागरिक है। यह हमला जॉर्डन के हवाई क्षेत्र के ऊपर हुआ।
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जांच में पता चला कि हमाम की योजना विमान को बेन गुरियन हवाई अड्डे की किसी इमारत या विमान से टकराना था।

शहीद होकर मरने की इच्छा और गाजा हमला का बदला
हमाम ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उसने इस साजिश को गाजा में हुए हमलों का बदला लेने के लिए अंजाम दिया। उसका इरादा था कि वह शहादत प्राप्त कर शहीद बन जाए। यह खुलासा फ्लाईदुबई के को-पायलट द्वारा की गई हमले की गहराई को दर्शाता है।
इससे यह स्पष्ट होता है कि चरमपंथी विचारधारा के कारण उसने यह खतरनाक कदम उठाया।
भारतीय कैप्टन स्मित पर हमला और बहादुरी
हमाम ने कॉकपिट में कैप्टन स्मित पर इमरजेंसी कुल्हाड़ी से हमला किया। हालांकि, गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। इस बहादुरी से विमान में मौजूद यात्रियों और क्रू मेंबर्स ने हमलावर को काबू किया।
इस बहादुरी ने बड़े हादसे को टालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

यात्रियों और चालक दल द्वारा हमलावर को रोकना
दरवाजा खुलने के बाद इजरायली यात्रियों और ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने तुरंत प्रतिक्रिया दी। उन्होंने हमाम को दबोच लिया। इसके बाद फ्लाईदुबई के अन्य पायलटों ने विमान को सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित आपातकालीन लैंडिंग कराई।
इस पूरी प्रक्रिया से विमान और यात्रियों की जान बचाई गई।
अकेले की गई साजिश और चरमपंथी इतिहास
जांच से पता चला कि हमाम ने यह योजना अकेले बनाई थी। वह किसी बड़े आतंकी नेटवर्क से सीधे जुड़ा नहीं था। इसके अलावा, उसे पहले ओमान एयर से चरमपंथी विचारों के कारण सस्पेंड किया गया था।
फ्लाईदुबई में उसने जानबूझकर नौकरी ली क्योंकि यह एयरलाइन तेल अवीव के लिए उड़ानें चलाती है, जिससे वह अपने हमले की योजना बना सका।
घटना का व्यापक प्रभाव और आगे की संभावनाएं
यह घटना अंतरराष्ट्रीय हवाई सुरक्षा के लिए एक चेतावनी है। फ्लाईदुबई के को-पायलट का बड़ा खुलासा बताता है कि चरमपंथी विचारधारा किस तरह विमान सुरक्षा में सेंध लगा सकती है।
आगे जांच एजेंसियां हमाम के फोन, विदेश यात्राओं, और संपर्कों की गहराई से जांच कर रही हैं ताकि पूरी साजिश का पता लगाया जा सके। यह घटना आम यात्रियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं बढ़ाती है।



