बेंगलुरु। कर्नाटक में अब हेट स्पीच पर 7 साल तक जेल और 50 हजार रुपए का जुर्माना हो सकता है। कर्नाटक विधानसभा के बेलगावी में चल रहे शीतकालीन सत्र के दौरान गुरुवार को विपक्षी दल भाजपा और जेडीएस के कड़े विरोध के बावजूद कांग्रेस सरकार ने कर्नाटक हेट स्पीच बिल को पारित करा दिया।
इस बिल में हेट स्पीच को किसी व्यक्ति या समुदाय के खिलाफ चोट पहुंचाने, समाज में असामंजस्य पैदा करने या नफरत फैलाने के इरादे से दिया गया कोई भी बयान बताया गया है। इसमें 11 आधारों पर भेदभाव, हेट स्पीच या अपराध को परिभाषित किया गया है, जिसका उद्देश्य समाज के कमजोर वर्गों की सुरक्षा करना है। हेट क्राइम को हेट स्पीच के कम्युनिकेशन के रूप में परिभाषित किया गया है। इसमें ऐसी सामग्री का निर्माण, प्रकाशन, प्रसार या किसी भी रूप में प्रचार, उकसावे और बढ़ावा देना शामिल है, जिससे समाज में वैमनस्य या घृणा फैलने की आशंका हो। बिल में कम्युनिकेशन का अर्थ सार्वजनिक रूप से व्यक्त किया गया कोई भी एक्सप्रेशन बताया गया है। चाहे वह मौखिक हो, प्रिंट या प्रकाशन के माध्यम से हो, इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों पर हो या किसी अन्य तरीके से किया गया हो। प्रस्तावित कानून के तहत पहली बार अपराध करने पर कम से कम एक साल की जेल, जिसे सात सालों तक बढ़ाया जा सकता है और 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। दोबारा अपराध करने पर न्यूनतम दो और अधिकतम दस साल तक की जेल और एक लाख रुपये जुर्माने का प्रावधान है। कानून के तहत अपराध संज्ञेय और गैर–जमानती होंगे और इनकी सुनवाई न्यायिक मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास की ओर से की जाएगी।


