तेहरान। होर्मुज स्ट्रेट को लेकर ईरान और अमेरिका के बीच तनाव लगातार बढ़ता नजर आ रहा है। इसी बीच ईरान ने दावा किया है कि उसने होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही के लिए ओमान के साथ एक नए समुद्री मार्ग को लेकर सहमति बना ली है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने बताया कि इस संबंध में समझौता अंतिम चरण में है। हालांकि, उन्होंने प्रस्तावित नए रूट को लेकर विस्तृत जानकारी साझा नहीं की।

ईरान के विदेश मंत्रालय ने साथ ही यह स्पष्ट किया कि ओमान के साथ प्रस्तावित व्यवस्था का मतलब यह नहीं है कि Hormuz Strait पूरी तरह सुरक्षित या सामान्य हो गया है। ईरान का आरोप है कि अमेरिकी नौसैनिक गतिविधियों, ईरानी बंदरगाहों की कथित नाकेबंदी और अन्य आक्रामक कार्रवाइयों के कारण क्षेत्र में सुरक्षा की स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है।
👉 यह भी पढ़ें:
- होर्मुज स्ट्रेट पर फिर बढ़ा तनाव! ट्रंप के ‘माइंस हटाने’ के दावे को ईरान ने किया खारिज
- होर्मुज स्ट्रेट से हटाई गईं सभी बारूदी सुरंगें? ट्रंप ने ईरान को दी कड़ी चेतावनी
- ट्रंप की कनाडा को बड़ी टैरिफ धमकी: कार-ट्रक और ऑटो पार्ट्स पर अब 50% शुल्क!
- स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तेल टैंकर पर हमला! अज्ञात प्रोजेक्टाइल से इंजन रूम क्षतिग्रस्त
- ईरान-अमेरिका तनाव के बीच पाकिस्तान पहुंचे पेजेश्कियान, जनरल आसिम मुनीर से मुलाकात के बाद अमेरिका को दिया बड़ा संदेश
- होर्मुज स्ट्रेट को ‘नया अमेरिकी क्षेत्र’ बताने वाला ट्रंप का नक्शा, ईरान से फिर बढ़ा तनाव
ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने सरकारी समाचार एजेंसी IRNA से बातचीत में बताया कि प्रस्तावित नया समुद्री मार्ग स्थायी नहीं होगा। उनके मुताबिक, इस रूट का इस्तेमाल करीब दो से चार महीने तक किया जा सकता है। हालांकि, नए रास्ते की सटीक स्थिति और इससे कितने जहाजों को गुजरने की अनुमति होगी, इस बारे में अभी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

इस बीच अमेरिका की ओर से इस प्रस्ताव पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। ओमान ने भी कथित समझौते को लेकर सार्वजनिक रूप से कोई विस्तृत बयान जारी नहीं किया है।
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। इसके जरिए बड़ी मात्रा में वैश्विक तेल और ऊर्जा आपूर्ति का परिवहन होता है। इसलिए इस जलमार्ग में किसी भी तरह की रुकावट का असर Crude Oil Price, Petrol Price, Global Oil Supply और International Trade पर पड़ सकता है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को चेतावनी दी थी कि यदि होर्मुज स्ट्रेट को जल्द नहीं खोला गया तो ईरान को ‘‘बहुत कड़ी कीमत’’ चुकानी पड़ेगी। इससे पहले अमेरिकी अधिकारियों ने दावा किया था कि जहाजों की आवाजाही बहाल करने को लेकर बातचीत में प्रगति हुई है और सप्ताह के अंत तक शिपमेंट दोबारा शुरू हो सकती है।
हालांकि, ईरान ने इन दावों को खारिज कर दिया है। तेहरान का कहना है कि वह अमेरिका के साथ किसी तरह की बातचीत नहीं कर रहा है और फिलहाल ऐसी कोई योजना भी नहीं है।
क्यों अहम है यह खबर?
अगर नया समुद्री रूट वास्तव में लागू होता है तो इससे जहाजों की आवाजाही को कुछ राहत मिल सकती है। लेकिन ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच इसकी स्थिरता पर सवाल बने हुए हैं।
क्या नया समुद्री रूट Hormuz Strait संकट को कम कर पाएगा? क्या इस तनाव का असर भारत में पेट्रोल-डीजल और कच्चे तेल की कीमतों पर भी पड़ सकता है? कमेंट करके अपनी राय जरूर बताएं।



