Commonwealth Games 2026: राष्ट्रमंडल खेल 2026 के दूसरे दिन भारत ने आखिरकार अपना पदक खाता खोल लिया है। पैरा पावरलिफ्टर झंडू कुमार ने पुरुष हेवीवेट फाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए कांस्य पदक जीता। हालांकि, पैरा तैराकी और पैरा पावरलिफ्टिंग की कई स्पर्धाओं में भारतीय खिलाड़ी पदक के बेहद करीब पहुंचने के बावजूद अंतिम दौर में पिछड़ गए।

झंडू कुमार ने 130.9 अंक के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया। नाइजीरिया के रिलुवान इदरिस ने 132.8 अंक के साथ स्वर्ण, जबकि इंग्लैंड के मैथ्यू हार्डिंग ने 131 अंक के साथ रजत पदक जीता।
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झंडू एक समय स्वर्ण पदक की दौड़ में भी बने हुए थे, लेकिन अंतिम परिणाम में उन्हें तीसरे स्थान से संतोष करना पड़ा। भारत के एक अन्य पैरा पावरलिफ्टर सुधीर 114.1 अंक के साथ छठे स्थान पर रहे।
श्रीहरि नटराज फाइनल में पहुंचने से चूके
भारत के दो बार के ओलंपियन श्रीहरि नटराज पुरुषों की 50 मीटर बैकस्ट्रोक स्पर्धा के फाइनल में जगह बनाने से चूक गए।
नटराज ने सेमीफाइनल में 25.29 सेकेंड का समय निकाला और कुल 11वें स्थान पर रहे। फाइनल में जगह बनाने के लिए शीर्ष आठ खिलाड़ियों में रहना जरूरी था।
दक्षिण अफ्रीका के पीटर कोएट्ज़े 24.29 सेकेंड के गेम्स रिकॉर्ड के साथ सबसे तेज क्वालिफायर रहे।
इससे पहले नटराज ने हीट में 25.52 सेकेंड का समय निकालकर संयुक्त रूप से 14वां स्थान हासिल किया था। सेमीफाइनल के लिए प्रत्येक हीट से शीर्ष 16 तैराकों को चुना गया था।
बुडिगिना कांस्य पदक से मामूली अंतर से चूके
पैरा तैराक आरवीवीबीके बुडिगिना पुरुषों की 100 मीटर फ्रीस्टाइल S13 वर्ग के फाइनल में पदक जीतने से चूक गए। उन्होंने 57.57 सेकेंड का समय निकालकर चौथा स्थान हासिल किया।
भारत के एक अन्य पैरा तैराक इमाम अली 1:03.73 के समय के साथ आठ खिलाड़ियों में सातवें स्थान पर रहे।
स्पर्धा में दक्षिण अफ्रीका के नाथन हेनरिक्स ने 54.54 सेकेंड के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता। स्कॉटलैंड के स्टीफन क्लेग ने रजत और इंग्लैंड के मैथ्यू रेडफर्न ने कांस्य पदक अपने नाम किया।
S13 वर्ग दृष्टिबाधित खिलाड़ियों के लिए निर्धारित पैरा तैराकी श्रेणी है।
अशोक मलिक और परमजीत कुमार भी पदक से चूके
पुरुषों की लाइटवेट पैरा पावरलिफ्टिंग स्पर्धा में भारत के अशोक मलिक और परमजीत कुमार पदक जीतने में असफल रहे।
अशोक मलिक ने 200 किग्रा वजन उठाकर अपना सर्वश्रेष्ठ व्यक्तिगत प्रदर्शन किया और 143.8 अंक हासिल किए। हालांकि, वह अपने अंतिम प्रयास में 205 किग्रा वजन उठाने में सफल नहीं हो सके और चौथे स्थान पर रहे।
परमजीत कुमार छठे स्थान पर रहे।
कस्तुरबा राजमणि के तीनों प्रयास असफल
महिला पैरा पावरलिफ्टिंग हेवीवेट स्पर्धा में भारत की कस्तुरबा राजमणि भी पदक की दौड़ से बाहर हो गईं।
राजमणि के फाइनल के तीनों प्रयास सफल नहीं हो सके। पहले दो प्रयासों में उन्हें 111 किग्रा और तीसरे प्रयास में 112 किग्रा वजन उठाना था, लेकिन वह किसी भी प्रयास में सफल नहीं हो पाईं।
जसप्रीत कौर का शानदार प्रदर्शन, फिर भी पदक नहीं
महिला पैरा पावरलिफ्टिंग लाइटवेट वर्ग में जसप्रीत कौर ने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने ग्रुप बी में शीर्ष स्थान हासिल किया और अपने तीसरे प्रयास में सफलतापूर्वक 100 किग्रा वजन उठाया।
हालांकि, ग्रुप ए के खिलाड़ियों के प्रदर्शन के बाद वह कुल स्टैंडिंग में पीछे रह गईं। जसप्रीत 96.4 अंक के साथ छठे स्थान पर रहीं।
भारत की सुमन देवी 88.4 अंक के साथ सातवें स्थान पर रहीं।
जसप्रीत का प्रदर्शन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनके लिए एक बड़ी उपलब्धि जरूर रहा, लेकिन वह भारत के लिए पदक नहीं जीत सकीं।
तूलिका मान के बाहर होने से भारत को झटका
राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारत की जूडो खिलाड़ी तूलिका मान भी प्रतियोगिता से बाहर हो गई हैं। पिछली बार रजत पदक जीतने वाली तूलिका को ग्लास्गो पहुंचने से पहले रहने के स्थान की जानकारी से जुड़े एंटी-डोपिंग नियमों के उल्लंघन के कारण निलंबित कर दिया गया।
तूलिका मान के बाहर होने से भारत की पदक उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है और राष्ट्रमंडल खेलों में भारत से जुड़ा यह मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है।
अब Commonwealth Games 2026 में भारत की नजरें अगले पदकों पर
राष्ट्रमंडल खेल 2026 के दूसरे दिन भारत ने झंडू कुमार के कांस्य पदक के साथ अपना खाता खोल दिया है। हालांकि, श्रीहरि नटराज, बुडिगिना, अशोक मलिक, जसप्रीत कौर समेत कई भारतीय खिलाड़ी पदक के करीब पहुंचकर चूक गए।
अब भारतीय प्रशंसकों की नजरें बाकी मुकाबलों पर हैं। क्या भारत आने वाले दिनों में पदक तालिका में अपनी स्थिति और मजबूत कर पाएगा?



