देश में मानसून की स्थिति को लेकर मौसम पर नजर रखने वाले लोगों और किसानों के लिए महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM) के Monsoon Online डेटा के अनुसार, 1 जून से 22 जुलाई 2026 तक देश में वास्तविक मानसूनी वर्षा 293.3 मिलीमीटर रही, जबकि सामान्य वर्षा 361.5 मिलीमीटर दर्ज की गई। यह सामान्य से करीब 18.87 प्रतिशत कम है।
मानसून की बारिश कृषि क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। बारिश की कमी का असर खेती, जलाशयों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। हालांकि, मानसून की स्थिति पूरे सीजन के दौरान बदलती रहती है और आने वाले हफ्तों में बारिश की गतिविधियां तस्वीर को बदल सकती हैं।
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देश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश की स्थिति एक जैसी नहीं है। ऐसे में स्थानीय मौसम पूर्वानुमान और मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखना जरूरी है। विशेषकर किसानों और बारिश प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन तथा आधिकारिक मौसम अपडेट का पालन करना चाहिए।



