वाह रे, जबलपुर के कलेक्टर साहब, जिंदा तो ढूंढ नहीं पाए, दो बच्चों के शव बरामद कर बता दी सफलता

Date:

इंदौर। मध्यप्रदेश के जबलपुर के बरगी डैम में हुए क्रूज हादसे में 13 लोगों की मौत हो चुकी है। इस हादसे में सारे प्रशासनिक तंत्र की लापरवाही साफ दिख रही है, लेकिन जबलपुर के कलेक्टर राघवेंद्र सिंह इसे मानने को तैयार नहीं। वे जिंदा लोगों को बचा नहीं पाए, उल्टे दो बच्चों के शव बरामद कर उन्होंने सोशल मीडिया पर इसे प्रशासन की सफलता के रूप में प्रचारित किया।

कलेक्टर राघवेंद्र सिंह इस हादसे के बाद से सोशल मीडिया पर लगातार अपडेट दे रहे हैं। इसी बीच कलेक्टर महोदय ने फेसबुक पर एक पोस्ट किया-बरगी क्रूज हादसा, सर्च ऑपरेशन में दो बच्चों के शव बरामद करने में मिली सफलता। सर्च ऑपरेशन का दायरा बढ़ा। बरगी बांध में गुरुवार की शाम हुये क्रूज हादसे के तुरंत बाद से चले रेस्क्यू और सर्च ऑपरेशन में आज शनिवार की शाम दो  बच्चों चार वर्षीय विराज सोनी पिता कृष्णा सोनी निवासी कोतवाली एवं छह वर्षीय तमिल पिता कामराज निवासी वेस्टलैंड खमरिया जबलपुर का शव बरामद हुए हैं।

लोगों का गुस्सा देख, एडिट किया पोस्ट

कलेक्टर राघवेंद्र सिंह का यह पोस्ट देखते ही लोग बिफर पड़े। तरह-तरह के कमेंट किए जाने लगे। लोग इतने भड़क गए कि कलेक्टर महोदय को अपने पोस्ट को एडिट करना पड़ा। कुछ देर बाद उसमें से सफलता शब्द गायब कर दिया गया। कई कमेंट तो ऐसे थे, जो हम यहां नहीं दे सकते।

अब जरा पढ़ लेते हैं लोगों के कमेंट

– “शव ढूंढने में सफलता मिली”!

अद्भुत, अद्वितीय, अकल्पनीय!

इस सफलता के लिए बहुत बहुत बधाई।

शव ढूंढना भी अब सफलता माना जाएगा।

बहुत बहुत बधाई।

पहले लचर व्यवस्थाओं से मारो, फिर शव ढूंढ के सफलता का जश्न मनाओ।

बहुत बहुत बधाई

-शर्म करो यहीं पहले से जिम्मेदार अधिकारियों को अलर्ट करते जानते हुए भी कि तूफान आने वाला है उसके बाद क्रूज को उतार दिया बहुत दुखत घटना हुई है ॐ शांति

-ये कैसी सफलता?

हैंडलर हमेशा अच्छे रखने चाहिए जिन्हें भाषा का ज्ञान हो।

-आपको इस सफलता की बहुत बहुत बधाई।

भगवान न करे ऐसी सफलता अर्जित करने की आपको नौबत आए।

-बहुत खूब बच्चों के शव मिलने की सफलता है और गैर निगरानी और लापरवाही से जो हादसा हुआ उसकी जवाबदारी कौन लेगा साहेब।।

-कुछ तो शर्म करो नेताओं तक ये भाषा ठीक है पर आप तो एक अधिकारी है।।

-Call it a failure, not a success. So many people lost their lives, and you’re calling it a success. There’s no such thing as safety. The cruise ship was even 20 years old. Hey ram

-शर्म आनी चाहिए बच्चों के सब मिलना सफल या प्रशासन की नाकामी है

-Dekh mere sansar ki halat kya ho gai bhagwan.

Bacho ki mout ko sarkar ke chamche safalta bata rahe he….

-आप लाश को खोजने मे

सफलता बोल रहे ho गजब है

Harish Fatehchandani
Harish Fatehchandanihttp://www.hbtvnews.com
Harish Fatehchandani is a dedicated journalist with over a decade of experience in the media field. He is respected for his consistent and honest reporting.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

Recent News
Related

मुंबई। सट्टा बाजार की भविष्यवाणी को अक्सर चुनावी ट्रेंड का अनौपचारिक संकेत माना जाता है। हालांकि यह किसी भी तरह से आधिकारिक डेटा नहीं होता, फिर भी राजनीतिक विश्लेषक और आम लोग इसे लेकर उत्सुक रहते हैं। हाल ही में सामने आई भविष्यवाणियों के अनुसार कई राज्यों में अलग-अलग तस्वीर उभर रही है।