अफ्रीकी देश माली में हुए भीषण आतंकी हमलों को लेकर भारत ने गहरा दुख और चिंता व्यक्त की है। इन हमलों में माली के रक्षा मंत्री और पूर्व सैनिक मामलों के मंत्री सादियो कामारा की मौत हो गई, जिस पर भारत ने शोक जताते हुए इसे आतंकवाद का क्रूर चेहरा बताया है।
भारत के विदेश मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि माली के विभिन्न हिस्सों में एक साथ किए गए ये आतंकी हमले पूरी तरह अस्वीकार्य हैं। भारत ने पीड़ितों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए इस कठिन समय में माली की सरकार और वहां की जनता के साथ अपनी एकजुटता दिखाई है।
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बयान में यह भी कहा गया कि सादियो कामारा के निधन पर भारत को गहरा दुख है। भारत ने दोहराया कि वह आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों के खिलाफ मजबूती से खड़ा है और क्षेत्र में शांति व स्थिरता स्थापित करने के हर प्रयास का समर्थन करता रहेगा।
दरअसल, शनिवार को माली सरकार ने जानकारी दी थी कि राजधानी बमाको के पास स्थित गैरीसन टाउन काटी सहित कई सैन्य ठिकानों और इलाकों पर आतंकियों ने एक साथ हमले किए। इन हमलों में रक्षा मंत्री सादियो कामारा की उनके घर पर हुए हमले में मौत हो गई, जबकि उनकी दूसरी पत्नी भी इस हमले में मारी गईं।
इन समन्वित हमलों में कई शहरों—काटी, सेवारे, गाओ, किदाल और बमाको—को निशाना बनाया गया, जिसमें कम से कम 16 लोग घायल हुए। घायलों में आम नागरिकों के साथ-साथ सैन्यकर्मी भी शामिल हैं, जिन्हें अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। हालांकि, सरकार ने कहा कि बड़े स्तर पर नुकसान नहीं हुआ है। माली में भारतीय दूतावास ने वहां रह रहे भारतीय नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह भी जारी की।
हमलों के अगले दिन रविवार को माली की सेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए पश्चिमी क्षेत्र कूलिकोरो में बड़ा अभियान चलाया। सेना के जनरल स्टाफ के अनुसार, एयर सिस्टम की मदद से कोलोकानी इलाके के पास आतंकियों के एक काफिले को निशाना बनाया गया। इस कार्रवाई में 100 से अधिक आतंकियों को मार गिराया गया और उनका हथियार व अन्य सामान भी नष्ट कर दिया गया।
यह घटनाक्रम एक बार फिर दिखाता है कि आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक स्तर पर सख्त और समन्वित कार्रवाई की कितनी आवश्यकता है, और भारत ने इस दिशा में अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता दोहराई है।


