इंदौर। कर्मचारी गृह निर्माण सहकारी संस्था में वरीयता सूची के साथ खेल अब भी जारी है। आईडीए ने यह सूची संयुक्त आयुक्त को वापस कर दी है। आईडीए ने कहा है कि यह सूची सहकारिता उपायुक्त ने भेजी है और इसमें संयुक्त आयुक्त की अनुशंसा नहीं है। इसलिए आप अनुशंसा कर फिर से सूची भेजें। आईडीए पहले भी यह सूची संयुक्त आयुक्त को वापस कर चुका है।
सीईओ ने संयुक्त आयुक्त को भेजा पत्र
आईडीए सीईओ ने 22 अप्रैल 26 को संयुक्त आयुक्त को लिखे पत्र में कहा है कि हाईकोर्ट इन्दौर द्वारा योजना कमांक 114 भाग-2 में कर्मचारी गृह निर्माण सहकारी संस्था मर्यादित इन्दौर को प्राप्त होने वाले 81 भूखण्डों के विरूद्ध 72 पात्र भूखण्डधारी संस्था सदस्यों की वरीयता सूची भेजी गई है। इस वरीयता सूची में आपके द्वारा अनुशंसा नहीं की गई है, केवल उपायुक्त, सहकारिता की सूची को मूलतः प्रेषित किया गया है। उक्त वरीयता सूची को आप अपनी अनुशंसा सहित फिर से भेजें।
👉 यह भी पढ़ें:
- कर्मचारीगण गृह निर्माण संस्था की वरीयता सूची की जांच शुरू, सहकारिता मंत्री के आदेश के बाद संयुक्त आयुक्त ने दिए निर्देश
- कर्मचारीगण गृह निर्माण संस्था में हुए फर्जीवाड़े की तथ्यों सहित सहकारिता मंत्री से शिकायत, उपायुक्त जायसवाल की वरीयता सूची पर रोक लगाने की मांग
- कर्मचारीगण गृह निर्माण संस्था में विधि का भू-अर्जन करना चाहते हैं आईडीए के सुदीप मीणा, ईओडब्ल्यू और लोकायुक्त की जांचों को छुपाया
- कर्मचारीगण गृह निर्माण संस्था में अब आईडीए के अधिकारियों ने जमाया खेल, कोर्ट की आड़ में विवादित वरीयता सूची पर ही निकलवा दी डिमांड
लंबित प्रकरणों की मांगी जानकारी
आईडीए सीईओ ने आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक, सहकारी संस्थाएं म.प्र. के पत्र कमांक 1061 दिनांक 19/10/2011 का हवाला भी दिया है। इसमें प्राधिकरण के संकल्प क्रमांक 9 एवं 232 के अंतर्गत आवंटन हेतु वरीयता सूची सत्यापन हेतु प्रावधानित बिन्दु कमांक 7 (V) में संशोधन किया गया है। इसके अनुसार संस्था ऐसे प्रकरणों की जानकारी मय प्रकरणों के उपायुक्त सहकारिता इन्दौर को देगी, जिसे वे परीक्षण कर संयुक्त आयुक्त, सहकारिता इन्दौर के माध्यम से इन्दौर विकास प्राधिकरण को भेजेगें । अतः प्राधिकारी की योजना कमांक 114 भाग-2 में कर्मचारी गृह निर्माण सहाकारी संस्था मर्यादित इन्दौर को प्राप्त होने वाले 81 भूखण्डों के विरूद्ध 72 पात्र भूखण्डधारी संस्था सदस्यों की वरियता सूची पर आपका सत्यापन अपेक्षित होने से तद्नुसार उक्त वरियता सूची को सत्यापन कर पुनः प्रेषित करें। उक्त संस्था के संबंध में ईओडब्ल्यू या अन्य विभाग में किसी प्रकार की कोई जांच/कार्यवाही हो तो इस कार्यालय को अवगत कराएं, ताकि प्रकरण में नियमानुसार अग्रिम कार्यवाही की जा सकें। इसके साथ ही पत्र कमांक 1017 दिनांक 5/3/2026 में उल्लेखित 06 बिन्दुओं के संबंध में स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया है।
भू-अर्जन अधिकारी ने निकलवा दी थी डिमांड
आईडीए के विधि एवं भू अर्जन अधिकारी सुदीप मीणा ने इसी सूची को मान्यता देते हुए डिमांड जारी करवा दिया था। कर्मचारीगण गृह निर्माण संस्था के अध्यक्ष आरडी शेगांवकर को 5 मार्च 25 को एक पत्र लिखा था। इसमें कोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए कहा गया है कि प्राधिकरण द्वारा पत्र कमांक 4539 3 दिसंबर 2020 से माह नवम्बर, 2020 की स्थिति में संस्था को राशि 3,57,21,909 रुपए की डिमाड जारी की गई थी, किन्तु संयुक्त आयुक्त, सहकारिता द्वारा संस्था की वरीयता सूची नहीं देने से संस्था द्वारा दी गई राशि वापस कर दी गई थी। अब संयुक्त आयुक्त, सहकारिता, इन्दौर द्वारा वरीयता सूची प्राधिकारी को भेजी गई है। अत: मार्च-2026 की स्थिति में देय राशि 8,22,36,836 रुपए प्राधिकारी कोष में जमा करा दें। इस पत्र में सूची सत्यापन के लिए कुछ स्पष्टीकरण भी मांगा गया था।


