एशिया में एक बार फिर तनाव उस समय बढ़ गया जब उत्तर कोरिया ने पूर्वी समुद्र की ओर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। दक्षिण कोरिया के अनुसार ये प्रक्षेपण सिनपो क्षेत्र से किए गए। घटना के बाद जापान में अलर्ट जारी कर दिया गया। हालांकि मिसाइलें उसके विशेष आर्थिक क्षेत्र के बाहर समुद्र में गिरीं, फिर भी तीनों देश स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं।
दक्षिण कोरिया की सेना ने बताया कि रविवार सुबह उत्तर कोरिया के पूर्वी तटीय इलाके सिनपो से ये मिसाइलें छोड़ी गईं। यह इलाका पहले भी मिसाइल परीक्षणों के लिए जाना जाता रहा है। दक्षिण कोरिया ने अपनी निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया है।
जापान में भी इस घटना के बाद हड़कंप मच गया। देश की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने जानकारी दी कि सुबह करीब 6 बजे उत्तर कोरिया की ओर से कई मिसाइलें दागी गईं। शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक ये मिसाइलें जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र के बाहर गिरीं, जिससे किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है।
घटना के बाद जापान, संयुक्त राज्य अमेरिका और दक्षिण कोरिया मिलकर स्थिति का विश्लेषण कर रहे हैं। जापान सरकार ने प्रधानमंत्री कार्यालय में आपात बैठक बुलाकर सभी एजेंसियों को सतर्क रहने और हर परिस्थिति के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस साल यह उत्तर कोरिया का सातवां बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण है और अप्रैल में ही चौथा परीक्षण माना जा रहा है। यह कदम संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के नियमों का उल्लंघन माना जा रहा है, क्योंकि इन नियमों के तहत उत्तर कोरिया को ऐसे परीक्षणों की अनुमति नहीं है।
हालांकि उत्तर कोरिया इन प्रतिबंधों को नहीं मानता। देश के नेता किम जोंग उन पहले भी स्पष्ट कर चुके हैं कि उनका देश अपनी सुरक्षा के लिए परमाणु और मिसाइल क्षमता को लगातार मजबूत करता रहेगा।
इसी बीच अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने भी चेतावनी दी है कि उत्तर कोरिया तेजी से अपनी परमाणु क्षमता बढ़ा रहा है और उसने संभवतः यूरेनियम संवर्धन की नई सुविधा भी विकसित कर ली है, जिससे वैश्विक चिंता और बढ़ गई है।


